प्रधानमंत्री मोदी चुनावी रैली को संबोधित करने फैजाबाद आये थे तो भी कुछ ही किमी दूर स्थित अयोध्या में विराजमान रामलला के दर्शन करने नहीं गये. लेकिन अब ‘विकास के महानायक’ का आसन डगमगाया और करिश्मा चुक गया है तो मंदिर के लिए भूमि पूजन करने आ रहे हैं.
मोदी सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति पहले 1966 में कोठारी आयोग ने भी मातृभाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने की सिफ़ारिश की थी. लेकिन भारत ने न उसके बाद अंग्रेजी से मुंह मोड़ा और न अब आगे भी शायद मोड़ेगा.
अगर मोदी सरकार सैद्धांतिक पूर्वाग्रह के चलते देसी भाषा को बच्चों की पढ़ाई का मीडियम बनाने पर ज्यादा ज़ोर देने की कोशिश करेगी तो ‘एनईपी’ को इस दीवार से टकराना पड़ेगा.
मोदी सरकार के फैसले को चुनौती देने वाले अधिकांश मामले जम्मू-कश्मीर की विशिष्टता बनाए रखने और शेष भारत के साथ इसके भावनात्मक और आर्थिक एकीकरण को नकारने की कोशिश करते हैं.
केंद्र सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों में अनेक पाबंदियों को हटाने की पहल की है और 1991 के उदारीकरण के विपरीत, राज्य सरकारें भी इस प्रक्रिया में साथ दे रही हैं.
चीन से संबंध बिगड़ने के बाद अमेरिका के लिए एशिया में भारत ही सबसे ज्यादा संभावना वाला बाजार है. उसी तरह, भारत की आर्थिक जरूरतों के लिए भी अमेरिका से ज्यादा क्षमतावान ट्रेड पार्टनर दूसरा नहीं हो सकता.
समझदारी यही होगी कि हमारी रणनीति की प्रमुख बातों से राष्ट्र को औपचारिक रूप से अवगत कराया जाए, बजाए इसके कि अनाम अधिकारी अपनी कल्पना के घोड़े दौड़ाते हों.
बिहार उत्तर भारत की विशाल हिंदी पट्टी का एकमात्र राज्य है, जहां आज तक कभी बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं बना है. इसके पीछे प्रमुख वजह लालू प्रसाद यादव हैं.
दुनिया में दो देश हैं जो प्राचीन काल से ही बचत में विश्वास करते चले आएं हैं और वे हैं भारत तथा चीन. एशिया की इन दो महाशक्तियों का इतिहास देखेंगे तो हम पाएंगे कि प्राचीन काल में भी लोग बचत करते थे चाहे वो धन की हो या अनाज की.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?