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Wednesday, 28 January, 2026
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अयोध्या में भारत के विचार को ध्वस्त नहीं किया गया था बल्कि इसकी नींव हमारे ‘लिबरल’ घरों में रखी गई थी

बाबरी मस्जिद का 1992 का विध्वंस अचानक घटी कोई घटना नहीं थी. मस्जिद को ढहाने में इस्तेमाल औजारों में हमारे परिवारों में होने वाली चर्चाओं का भी योगदान था.

अयोध्या में हिंदुत्ववादी राजनीति राम और हिंदुओ का ही सबसे ज्यादा नुकसान कर रही

प्रधानमंत्री मोदी चुनावी रैली को संबोधित करने फैजाबाद आये थे तो भी कुछ ही किमी दूर स्थित अयोध्या में विराजमान रामलला के दर्शन करने नहीं गये. लेकिन अब ‘विकास के महानायक’ का आसन डगमगाया और करिश्मा चुक गया है तो मंदिर के लिए भूमि पूजन करने आ रहे हैं.

अंग्रेजी आकांक्षाओं का प्रतीक है और एनईपी के बावजूद वह दो में से एक राजभाषा बनी रहेगी

मोदी सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति पहले 1966 में कोठारी आयोग ने भी मातृभाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने की सिफ़ारिश की थी. लेकिन भारत ने न उसके बाद अंग्रेजी से मुंह मोड़ा और न अब आगे भी शायद मोड़ेगा.

मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति वास्तविकता से कोसों दूर है, भारतीय वोटर अंग्रेजी मीडियम की शिक्षा चाहता है

अगर मोदी सरकार सैद्धांतिक पूर्वाग्रह के चलते देसी भाषा को बच्चों की पढ़ाई का मीडियम बनाने पर ज्यादा ज़ोर देने की कोशिश करेगी तो ‘एनईपी’ को इस दीवार से टकराना पड़ेगा.

कांशीराम और मायावती के दिखाए सपने में उलझ कर रह गए देश के बहुजन

बड़ा सपना सामने रखकर और उसके अन्दर भावना भरकर संगठन का निर्माण कांशीराम ने शुरू किया.

अनुच्छेद 370 बहाल करने की कुछ कश्मीरी पंडितों की मांग अतार्किक, ऐतिहासिक समर्थन का अभाव

मोदी सरकार के फैसले को चुनौती देने वाले अधिकांश मामले जम्मू-कश्मीर की विशिष्टता बनाए रखने और शेष भारत के साथ इसके भावनात्मक और आर्थिक एकीकरण को नकारने की कोशिश करते हैं.

यूरोप और अमेरिका के विपरीत भारत ने कोविड संकट के दौरान आर्थिक आज़ादी क्यों बढ़ाई है

केंद्र सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों में अनेक पाबंदियों को हटाने की पहल की है और 1991 के उदारीकरण के विपरीत, राज्य सरकारें भी इस प्रक्रिया में साथ दे रही हैं.

गुटनिरपेक्षता के पुराने ख्वाबों को भूलकर अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत करे भारत

चीन से संबंध बिगड़ने के बाद अमेरिका के लिए एशिया में भारत ही सबसे ज्यादा संभावना वाला बाजार है. उसी तरह, भारत की आर्थिक जरूरतों के लिए भी अमेरिका से ज्यादा क्षमतावान ट्रेड पार्टनर दूसरा नहीं हो सकता.

भारत अगर एलएसी पर चीन को थकाना चाहता है तो दबाव वाले बिंदुओं पर उसे रक्षात्मक तैयारी मज़बूत करनी होगी

समझदारी यही होगी कि हमारी रणनीति की प्रमुख बातों से राष्ट्र को औपचारिक रूप से अवगत कराया जाए, बजाए इसके कि अनाम अधिकारी अपनी कल्पना के घोड़े दौड़ाते हों.

मंदिर राजनीति की काट सिर्फ लालू जानते हैं, जिनकी गैरमौजूदगी में होंगे बिहार चुनाव

बिहार उत्तर भारत की विशाल हिंदी पट्टी का एकमात्र राज्य है, जहां आज तक कभी बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं बना है. इसके पीछे प्रमुख वजह लालू प्रसाद यादव हैं.

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नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बुधवार को केरल में तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक सामग्रियां जब्त कीं।...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.