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Friday, 16 January, 2026
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महंगाई गरीबों के ‘विकास’ के लिए पीएम मोदी की नई महत्वाकांक्षी योजना है?

महंगाई इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीकाल तक ‘प्रगतिशील अर्थव्यवस्था का गुण’ भर हुआ करती थी, नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्रीकाल में वह ‘देश के विकास के लिए’ हो गई है- खासकर गरीबों के लिए.

यूपी में योगी आदित्यनाथ क्यों अखिलेश, मायावती, प्रियंका को तवज्जो नहीं देते लेकिन ओवैसी की चुनौती स्वीकार की है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अब ओवैसी के ‘प्रशंसक’ बन गए हैं. और एआईएमआईएम प्रमुख को ‘बड़ा राष्ट्रीय नेता’ बताते हैं.

क्लबहाउस से लेकर फेसबुक तक कश्मीरी पंडितों को खुलेआम कट्टरपंथी पूर्वाग्रह का सामना करना पड़ता है

कश्मीर में, भारतीय शासन का वफादार माने जाने वाले लोगों को ‘मुखबिर’ करार दिया जाता है, जिससे पाकिस्तानी आतंकवादी गुटों के लिए उन्हें मारने के वास्ते चिन्हित करना आसान हो जाता है.

शेयर बाजार एक आईना है- 40 सालों में कितना बदला भारतीय बिजनेस और इसमें क्या कमी है

निफ्टी 50 के 50 शेयरों में से 11 वित्तीय सेवा कंपनियों के, 6 ऑटो कंपनियों के, 5 आईटी और 4 दावा कंपनियों के हैं. मैनुफैक्चरिंग की उपस्थिति कमजोर है और बड़े घराने भी कम ही बचे हैं.

भारत को अमेरिका से कहना चाहिए कि वह क्वाड की खातिर ‘अफगानिस्तान का कुछ हिस्सा बचाकर रखे’

अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी वहां चीन के प्रवेश का द्वार खोलेगी. दिल्ली के पास सीमित विकल्प ही हैं.

कम कीमत वाले ड्रोन्स से उभरते खतरे लेकिन भारत अभी इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार नहीं दिखता

अब तक कोई हथियार आतंकवादियों को इतने कम खर्च में इतना फायदा पहुंचाने वाला साबित नहीं हुआ था जितना ड्रोन साबित हो सकता है.

मोदी को हराने में क्यों कमज़ोर पड़ जाता है विपक्ष- PEW सर्वे में छुपे हैं जवाब

भारतीयों और धर्म पर PEW का ताजा सर्वे विपक्ष के लिए एक बुकलेट हो सकता है क्योंकि उसे समझने में मुश्किल हो रही है कि धर्मनिरपेक्षता का उसका संदेश लोगों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा.

ये नियाजी तो पाकिस्तान के अगले पीएम बन सकते हैं, उनके पास चीनी, पेट्रोल, मसाले और हर बेहतरीन चीज है

मोअज्जम महमूद नियाजी 2018 से ही प्रधानमंत्री की कुर्सी का सपना देख रहे हैं. वजन घटाने में उन्होंने ‘विश्व रिकॉर्ड’ बना रखा है.

बैठे-ठाले का खयाल है विपक्ष की एकता और ज्यादातर राज्यों के लिए प्रासंगिक नहीं

मोदी के युग में भारत के स्वधर्म को बचाने के लिए राजनीतिक एकता, चुनावी गठबंधन से कहीं ज्यादा जरूरी है.

भाजपा वाला हिंदुत्व बढ़ तो रहा है लेकिन एक स्तर पर आकर हिंदुओं को संतुष्ट करने में नाकाम है

अक्सर इस बात के लिए मुसलमानों की आलोचना की जाती है कि वे अपने राष्ट्रवाद को प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त नहीं करते हैं. प्यू के निष्कर्ष बताते हैं कि यह धारणा बिल्कुल गलत है.

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गिग वर्कर्स और 10 मिनट डिलीवरी विवाद से सबक—इस हलचल की जरूरत है

जैसे कुछ कंपनियां सिर्फ इसलिए गिग वर्कर्स का फायदा उठाती हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकती हैं, वैसे ही कंज्यूमर्स भी उन्हें बेवजह दौड़ाते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं.

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मनरेगा जॉब कार्ड का उपयोग नयी योजना में काम पाने के लिए किया जा सकेगा: अधिकारी

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) मनरेगा जॉब कार्ड वाले श्रमिक नयी ग्रामीण रोजगार योजना 'विकसित भारत-जी राम जी’ के लागू होने पर इसके...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.