चुनावी सभाओं या लालकिले से भाषण से इतर भी लोगों से संवाद करके मोदी ने प्रधानमंत्री की ‘अलग-थलग’ वाली छवि को ध्वस्त करके उसे अलग ही आयाम प्रदान किया है.
विडंबना यह है कि कांग्रेस-मुक्त उत्तर-पूर्व में पैर फैलाने की ममता बनर्जी की कोशिश में चुनाव रणनीतिज्ञ प्रशांत किशोर मदद कर रहे हैं, जो राहुल गांधी के मित्र हैं.
विहिप की स्थापना की पृष्ठभूमि और 1980 के दशक तक के उसके कामकाज को देखें तो पता चलता है कि भारतीय राजनीति में जिस सोशल इंजीनियरिंग की बात मंडल आयोग लागू होने के उपरांत 1990 के दशक में आरंभ हुई.
ओमवेट बौद्धिक और सामाजिक मोर्चों पर सक्रिय उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती थीं, जो जाति आधारित उत्पीड़न से लड़ने के लिए विविध विचारधाराओं का उपयोग करती थी, वे बहुजन समाज की भरोसेमंद साथी थीं.
देश के 22 राज्यों में जारी 'जन आशीर्वाद यात्राओं' में मोदी के 39 मंत्री भाग ले रहे हैं, इसे कोविड महामारी की तीसरी लहर को आगे बढ़कर बुलावा देने के सिवा और क्या कहा जाएगा?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?