महंगाई इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीकाल तक ‘प्रगतिशील अर्थव्यवस्था का गुण’ भर हुआ करती थी, नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्रीकाल में वह ‘देश के विकास के लिए’ हो गई है- खासकर गरीबों के लिए.
कश्मीर में, भारतीय शासन का वफादार माने जाने वाले लोगों को ‘मुखबिर’ करार दिया जाता है, जिससे पाकिस्तानी आतंकवादी गुटों के लिए उन्हें मारने के वास्ते चिन्हित करना आसान हो जाता है.
निफ्टी 50 के 50 शेयरों में से 11 वित्तीय सेवा कंपनियों के, 6 ऑटो कंपनियों के, 5 आईटी और 4 दावा कंपनियों के हैं. मैनुफैक्चरिंग की उपस्थिति कमजोर है और बड़े घराने भी कम ही बचे हैं.
भारतीयों और धर्म पर PEW का ताजा सर्वे विपक्ष के लिए एक बुकलेट हो सकता है क्योंकि उसे समझने में मुश्किल हो रही है कि धर्मनिरपेक्षता का उसका संदेश लोगों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा.
अक्सर इस बात के लिए मुसलमानों की आलोचना की जाती है कि वे अपने राष्ट्रवाद को प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त नहीं करते हैं. प्यू के निष्कर्ष बताते हैं कि यह धारणा बिल्कुल गलत है.
जैसे कुछ कंपनियां सिर्फ इसलिए गिग वर्कर्स का फायदा उठाती हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकती हैं, वैसे ही कंज्यूमर्स भी उन्हें बेवजह दौड़ाते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं.