युद्धक्षेत्र से खबरें भेजते हुए ‘संडे टाइम्स’ की मेरी कोल्विन, दूरदर्शन के अच्यूतानंद साहू और बस्तर से हिंदी पत्रकार नेमिचंद जैन अपनी जान गंवा चुके हैं.
ये बीजिंग के ही हित में होगा अगर वो सावधानी के साथ उन कारणों को देखे, कि चीनी नागरिकों को न सिर्फ ख़ैबर पख़्तूनख़्वा, बल्कि सिंध और बलोचिस्तान जैसे सूबों में भी निशाना क्यों बनाया जा रहा है.
भारत सरकार कोविड के भुक्तभोगियों को राहत देने के लिए उस आमदनी और संपत्ति पर टैक्स दरों में वृद्धि न करने पर क्यों अडिग है जिन पर पहले से ही कम टैक्स लगाया जा रहा है?
राजद्रोह का कानून केवल औपनिवेशिक काल की देन ही नहीं है, यह एक निकम्मी सरकार का वह हथियार है जिसे लहराकर वह खुद को राष्ट्र का पर्याय घोषित करती है और इसका इस्तेमाल अपने विरोधियों के खिलाफ करती है .
भारतीय सैनिकों को इटली में बड़े सम्मान से देखा जाता है, इसका अंदाजा मुझे 1975 में ही तब हो गया था जब वहां मोंटे कासीनो में मैं पुराने फ़ौजियों से बातचीत कर रहा था.
वैसे देखा जाए तो जम्मू में ड्रोन हमला बहुत महंगा नहीं साबित हुआ है लेकिन इसने अंतत: भारत को इस तरह के खतरों से निपटने के लिए बहुत सारा धन खर्च करने को बाध्य कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने लोकतांत्रिक व्यवस्था की पवित्रता बनाये रखने के लिए मतदाताओं को लुभाने के लिये मुफ्त रेवड़ियां बांटने के वादे करने वाले राजनीतिक दलों को नियंत्रित करने के संबंध में अलग से कानून बनाने का 2013 में सुझाव दिया था.
उत्तर भारत के 35% मुसलमानों को पिछले एक साल में धार्मिक भेदभाव का सामना करना पड़ा है, उन्हें एहसास हो गया है कि मुस्लिम विरोधी हिंदुत्ववाद की रवायत अब हावी हो गई है.
स्मृति ईरानी पिछले दो वर्षों से एक ही स्क्रिप्ट पर टिकी हुई हैं - उन्होंने भाजपा को एक ऐसी बड़ी जीत दिलाई जिसे भाजपा आने वाले दशकों तक गर्व से प्रदर्शित कर सकती है, और वे विवादों में फंसने से भी बची रही है.
जैसे कुछ कंपनियां सिर्फ इसलिए गिग वर्कर्स का फायदा उठाती हैं क्योंकि वे ऐसा कर सकती हैं, वैसे ही कंज्यूमर्स भी उन्हें बेवजह दौड़ाते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हम ऐसा कर सकते हैं.