यह सर्व विदित है कि सर सैयद ने सर्व प्रथम साम्प्रदायिक आधार पर अलग प्रतिनिधित्व की आवाज उठाकर द्विराष्ट्र सिद्धांत की नीव रखी जिस पर मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल ने पाकिस्तान की इमारत का निर्माण किया.
फिलहाल तो भरोसे से यही कहा जा सकता है कि कार्यसमिति की पिछली बैठक के बाद ‘जी-21’ (जितिन प्रसाद और वीरप्पा मोइली की रवानगी के बाद) मुकाबला हार गया है लेकिन जंग जारी रहेगी.
दूसरी ओर गैरबराबरी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके चलते किसी गरीब देशवासी के विकल्प इतने सीमित हो गये हैं कि उसकी समस्या है कि वह खाये तो क्या खाये और किसी अमीर के पास इस सीमा तक सब कुछ भरा पड़ा है कि वह समझ नहीं पाता कि क्या-क्या खाये.
ये ऐतिहासिक तथ्य है और इस पर इतिहासकारों के बीच कोई विवाद नहीं है कि अंडमान की सेल्युलर जेल में रहते हुए सावरकर ने 1911 से 1924 के बीच अंग्रेज अधिकारियों को 5 माफीनामा लिखे.
निरंतर तेज आर्थिक वृद्धि की जो उम्मीद वित्त मंत्री जता रही हैं वह कितनी वाजिब है? सरकारी कार्यक्रमों से कुछ गति आ सकती है लेकिन व्यापक अर्थव्यवस्था के आंकड़े बहुत उत्साहवर्द्धक नहीं हैं.
भारत चीन से लड़ सकता है मगर इसके लिए देश में शांति और स्थिरता चाहिए, चुनाव जीतने के लिए एनआरसी जैसे पुराने विवादों को भड़का कर या हिंदू-मुसलमान ध्रुवीकरण करके चीन से मुक़ाबला नहीं किया जा सकता
शेखर गुप्ता
सेना में महिलाओं को शामिल करने को लेकर आम लोगों और फौजी बिरादरी की चिंता यह होती है कि दुश्मन उनका यौन उत्पीड़न और बलात्कार कर सकता है, मगर अपने सहकर्मियों का क्या किया जाए?
राजनीति हो या आंदोलन, हम अपने सार्वजनिक जीवन में ऐसा कौन-सा रास्ता अपनाएं जिसमें असुविधाजनक सच्चाई, नैतिक जटिलताओं और न्यूनतम मानवीय संवेदना के लिए जगह हो? लखीमपुर खीरी से मैं यही सवाल लेकर लौटा हूं.
मोपा, गोवा से ज़्यादा महाराष्ट्र के लिए काम आता है. साउथ गोवा के MP कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस ने कहा, 'मोपा एक इकॉनमी इंजन है, लेकिन वहां आने वाले 75% टूरिस्ट सिंधुदुर्ग जाते हैं.'