डोभाल सिविल सोसाइटी को युद्ध का अगला मोर्चा मानते हैं लेकिन ‘शिलंग वी केयर’ नाम के छोटे-से नागरिक संगठन ने उग्रपंथियों, और जबरन वसूली के चलन का डटकर मुक़ाबला किया
लेकिन BJP-विरोधी या मोदी विरोधी होना ही, एक ‘न्यूनतम साझा कार्यक्रम’ का ताना बाना बुनने के लिए काफी नहीं होगा, जो 90 के दशक का एक और घिसा-पिटा वाक्य है.
आसिम बिहारी के संघर्ष और सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो पैदा बिहार के नालंदा में हुए, आंदोलन की शुरुआत कोलकाता से की और उनकी मृत्यु उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में हुई.
हम पाकिस्तान में गैस की किल्लत का बयान करते विदेश में बसे पाकिस्तानियों को लकड़ी पर खाना पकाते देखने वाले हैं. इन महंगाई के सीईओ लोगों का मुकाबला गूगल, ट्विटर के सीईओ क्या खाकर करेंगे.
चाहे भारत हो या दूसरे देश, बड़े महानगरों को शहरों की रैंकिंग में कभी ऊंची जगह नहीं मिलती; मुंबई-दिल्ली
को कभी ऊंची रैंकिंग नहीं मिलती, न ही यूरोप-अमेरिका-चीन के सबसे बड़े शहरों को रहने के बहुत काबिल
माना जाता है
कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार भाजपा से मात भले खायी हो, उसने अपने पक्के 20% वोट बनाए रखे और यही वजह है कि भाजपा से मात खाए तमाम दल उसे चुनौती देने के लिए कांग्रेस का साथ चाहते हैं.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है