चुनावी खेल में बल्लेबाजों को आउट करने की जिम्मेदारी विपक्षी दलों की तरफ से गेंदबाजी करने उतरे लोगों की थी. नाकामी इन गेंदबाजों की कही जायेगी, किसान आंदोलन की नहीं.
चीन शीत युद्ध वाले तर्कों को खारिज करने की बात कर रहा है, संयुक्त राष्ट्र युद्ध बंद करने की मांग कर रहा है लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. ऐसे में भारत क्या करे?
कॉंग्रेस की मौजूदा दुर्दशा के लिए कौन जिम्मेदार है? अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी इससे ज्यादा जोरदार तरीके से यह संदेश नहीं दे सकती थीं कि गांधी परिवार इसके लिए जिम्मेदार नहीं है.
इन चुनावों को 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव का सेमी फाइनल बताया जा रहा था. और इस लिहाज से भी कि उसने प्रतिद्वंद्वी दलों को नतीजों में ही नहीं, मुद्दों, रणनीति, प्रबंधन और समीकरणों के चुनाव व मत-प्रतिशत के मामलों में भी शिकस्त दी है.
हो सकता है कि बीजेपी के पास आज विचारधार का वर्चस्व है लेकिन वर्चस्व विरोधी राजनीति के पास भी काफी गहरे सांस्कृतिक संसाधन हैं. अगर हम समझदारी और समर्पण के साथ काम करेंगे तो ज़रूर जीतेंगे.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.