फैजाबाद का मोर्चा जीतने के बाद मौलवी ने तत्कालीन आगरा व अवध प्रांत में घूमघूम कर क्रांति की ज्वाला जगायी. कई इतिहासकारों ने लिखा है कि लखनऊ नगर के अन्दर क्रांति के सबसे योग्य नेता मौलवी ही थे.
कम से कम 20 देशों और संगठनों ने इस मामले में बयान जारी कर नाराजगी जताई हैं, लेकिन बांग्लादेश ने ऐसा कुछ नहीं किया. यह जाहिर करता है कि उसे स्पष्ट तौर पर पता है कि सत्ता की ताकत कहां निहित है.
देश के सामने उत्पन्न इस गम्भीर स्थिति में दोनों पक्षों की ओर से सद्भाव, समभाव एवं समरसता का वातावरण बनाने का प्रयास करना चाहिए ताकि मसले को हल बिना किसी अप्रिय घटना के अंजाम पर पा सके.
आरएसएस नेता राम माधव के लेख की अगर कई व्याख्याएं हो सकती हैं, तो समय आ गया है कि मोदी की भाजपा सत्ता में आठ साल पूरे करने के बाद अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करे.
मोदी सरकार की कार्रवाई शायद भू-राजनैतिक संदर्भ में व्यावहारिक हो, मगर इससे आखिरकार हिंदू और मुस्लिम धार्मिक राष्ट्रवादियों में और जहरीली होड़ ही मचेगी.
पुरूषों के लिए माने जाने वाले इस खेल में मिताली राज की कहानी महिलाओं को पीढ़ी दर पीढ़ी प्रेरित करती रहेगी. लेकिन उनकी विदाई पर पसरा सन्नाटा दर्शाता है कि क्यों बीसीसीआई को अब इस ओर अपने कदम बढ़ाने की जरूरत है.
बाल श्रमिकों की मुक्ति कार्यवाही तो एनजीओ, श्रम विभाग एवं पुलिस द्वारा अक्सर की जाती रहती है पर उनके पुनर्वास के प्रयास और उसका फॉलो-अप करने में न तो एनजीओ की रुचि रहती है और न ही श्रम विभाग की.
अर्थव्यवस्थाएं जब नीची वृद्ध दर और ऊंची मुद्रास्फीति का सामना कर रही हैं तब गतिरोध शब्द फिर चर्चा में है और बदहाली सूचकांक (मिज़री इंडेक्स) बताता है कि इस गतिरोध की स्थिति में लोग किस अनुभव से गुजरते हैं.
अपने धर्म के प्रति किए गए अपमान का कड़ा संज्ञान लेने वाले इस्लामी राजतंत्रों ने बड़ी आसानी के साथ हिंदू देवताओं और धार्मिक प्रतीकों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों की अनदेखी की थी.
बेनज़ीर की हत्या, भारत पर 26/11 के हमले, एबटाबाद में अमेरिकी सैनिकों के हमले में लादेन की मौत— जनरल मुशर्रफ़ के राज में हुई इन वारदात ने पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया लेकिन वे खुद को लोकतांत्रिक मानते रहे.
पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.