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Monday, 27 April, 2026
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‘अमीर का कौआ मोर और गरीब का बच्चा चोर’: देश को कितनी महंगी पड़ रही है यह अमीरी

शायद ही कोई इससे अनजान हो कि अडानी की संपत्ति में रॉकेट की गति से इजाफा हुआ है तो उसमें जितनी भूमिका उनकी व्यावसायिक कुशलता की है, उससे कहीं ज्यादा उनकी 'शुभचिंतक सत्ता' की है.

Covid संकट में भी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन बेहतर, 6% वृद्धि भारत के लिए बड़ी उपलब्धि होगी

मुश्किल दौर में भारत दूसरी सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुक़ाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, इन सबके बावजूद तेज आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य नक्शे पर उभर नहीं रहा है.

मैं दुखी हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने मेरे दोस्त प्रशांत भूषण को बिना सुनवाई के छोड़ क्यों दिया

आइए हलफनामे में पूछे गए कुछ सवालों पर परीक्षण करते हैं. क्या यह सुप्रीम कोर्ट के लिए एक ऐसा मौका नहीं था कि कुछ असहज करने वाले सवालों पर विचार करती.

हो सकता है सोरेन के राजनीतिक भविष्य का पता न हो, लेकिन अब उनकी छवि एक चतुर राजनेता की बन चुकी है

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने दिखा दिया कि वह इस मनोवैज्ञानिक या दिमागी खेल को अच्छे से खेल सकते हैं और बीजेपी को इस स्थिति में रख सकते हैं कि वह अनुमान ही लगाती रह जाए. गठबंधन के नेता इससे खुश तो जरूर होंगे.

INS विक्रांत का जश्न मनाइए लेकिन इसकी ज़रूरत को लेकर भारत के नेतृत्व से 3 सवाल

आईएनएस-विक्रांत का भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होना जश्न का मौका है लेकिन क्या भारत को विमानवाही युद्धपोतों की जरूरत है? और किस तरह के व कितने विमानवाही युद्धपोतों की?

GDP में 13.5% इजाफे की हंसी मत उड़ाइए, लेकिन भविष्य की तिमाहियों में खपत, निवेश महत्वपूर्ण

पहली तिमाही में जीडीपी के आंकड़े में सुधार दिखा है लेकिन आगे वृद्धि की गति वैश्विक कारणों और आधे-अधूरे मॉनसून के कारण धीमी हो सकती है.

भट्टा-पारसौल आंदोलन के बाद से ही ढलान पर कांग्रेस, राहुल गांधी को मार्क्सवाद से बचना चाहिए

मेरा मानना है कि भट्टा-पारसौल आंदोलन में शामिल होना राहुल गांधी की एक बड़ी भूल थी, जिसकी कीमत कांग्रेस को लंबे समय तक चुकानी पड़ रही है.

कांग्रेस से निकलकर क्या दूसरी ममता बनर्जी साबित होंगे गुलाम नबी आजाद

इतना तो तय माना जा रहा है कि आजाद जम्‍मू कश्‍मीर के बदले हुये नये राजनीतिक समीकरण में अपनी उपस्थिति का एहसास कराने में पीछे नही रहेंगे.

न यह साल ’69 है, न राहुल गांधी इंदिरा गांधी हैं जो पार्टी के ‘सिंडीकेट’ खेमे पर भारी रही थीं

इंदिरा गांधी जैसा चतुर राजनेता भारत में दूसरा कोई हुआ नहीं, जिन्होंने एक नयी कांग्रेस ही खड़ी कर दी थी लेकिन राहुल गांधी तो विरासत में मिली पार्टी को बरबाद कर रहे हैं .

काबुल में तालिबान घुसे तो तीन आशंकाएं उभरीं लेकिन साल भर बाद एक भी सही साबित नहीं हुई

अमेरिका और उसके पहले सोवियत संघ की तरह, चीन को भी पता चल रहा है कि महाशक्तियों की भव्य योजनाएं अफगानिस्तान की हकीकतों के आगे टिक नहीं पातीं.

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ईरान युद्ध ने भारत के लिए अगले युद्ध का खाका पेश कर दिया है

पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.

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राजनीति

देश

पीएमके नेता अंबुमणि ने केंद्र से सीडब्ल्यूएमए की बैठक स्थगित करने का आग्रह किया

चेन्नई, 27 अप्रैल (भाषा) पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) नेता डॉ. अंबुमणि रामदास ने सोमवार को केंद्र से आग्रह किया कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.