भारत को भौतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में जितने सुधार की जरूरत है उससे कम सुधार की जरूरत सामाजिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में नहीं है. लोगों को सक्षम बनाने की जरूरत को उसके पूरे अर्थ में समझना और पूरा करना बहुत जरूरी है.
विपक्षी एकता के लिए चंद्रशेखर राव की कोशिशें चर्चा में थीं और अब, जब वे पटना जाकर बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिल आये हैं, तो नीतीश की कोशिशों से माहौल गरमाया हुआ है.
भारत ने सेना में नेपाली गोरखा सैनिकों को भी अग्निपथ योजना के तहत लाने के बारे में नेपाल से परामर्श नहीं किया जबकि वे 200 साल से भारतीय सेना को अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
नागरिकों के कर्तव्य पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज़ोर देने का राजनीतिक अर्थ यह है कि गेंद जनता के पाले में डाल दिया जाए. और यही वे सत्ता में आने के बाद से करते रहे हैं.
एक अच्छा टाइम पास मनोरंजन देने वाली इस फिल्म को इसकी भरपूर भव्यता के लिए देखा जाना चाहिए-परिवार के साथ, दोस्तों के साथ, बच्चों के साथ. लेकिन कहानी और पटकथा की बारीकियों पर गौर न करें, आपको निराशा ही हाथ लगेगी.
मोदी सरकार को यह समझना होगा कि तीस्ता सौदे का पश्चिम बंगाल के किसानों पर क्या असर पड़ेगा. साथ ही इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि कहीं बांग्लादेश में किसी शत्रुवत सरकार और सिविल सोसाइटी की वजह से कोई खामियाजा न उठाना पड़ जाए.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.