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Sunday, 12 April, 2026
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जनरल नरवणे कहते हैं- क्या भारत पाकिस्तान-चीन खतरे के लिए तैयार है? दो मोर्चों पर लड़ाई का मतलब है हार

भारत उस बॉक्सर के जैसा है जो रिंग में पाकिस्तान और चीन का सामना कर रहा है. उसे दोनों खतरों से अलग-अलग मुक़ाबला करने की तैयारी करनी चाहिए.

अमेरिका की रेटिंग में गिरावट से ज्यादा चीन और RBI की मुद्रा नीति है चिंता का सबब

फिच ने अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग घटाई जिससे भारत समेत दुनिया भर के बाज़ारों में भारी गिरावट आई लेकिन भारत के वित्त बाज़ारों में उथलपुथल की कई वजहें हो सकती हैं.

गुरुग्राम आंटीज़, प्लीज़ अपनी बिल्डिंग के कचरे को मज़दूरों की सुरक्षा से ज़्यादा अहमियत न दें

सुरक्षित और प्रिविलेज क्लास उन लोगों के साथ सहानुभूति नहीं रखते जो उनकी सोसाइटी को साफ रखते हैं, क्योंकि उन्हें बस अपने कचरे की चिंता होती है.

चावल, इलेक्ट्रिक वाहन और अब लैपटॉप- बाज़ारों में सरकारी दखलंदाजी एक नया नौकरशाही दुःस्वप्न है

व्यापार नीति में सुधारों को उलटने की कोशिश अब तक शुल्कों में बढ़ोतरी तक सीमित रही थी, लेकिन अब सरकार ने आगे बढ़कर ठोस प्रतिबंध लागू कर दिए हैं जो लाइसेंस-परमिट राज लाने वाले सोच की ओर वापसी है.

नूंह हिंसा ने पूरे भारत का ध्यान अपनी ओर खींचा, लेकिन मेवात हमेशा से सांप्रदायिक क्षेत्र नहीं था

मेवात में रोजगार की काफी कमी है जो युवाओं को अवैध कामों की ओर धकेल रहा है. पिछले कुछ समय से यह क्षेत्र को एक नए जामताड़ा के रूप में विकसित हो रहा है.

लैपटॉप के आयात पर रोक के साथ ‘बड़ी सरकार’ ने आर्थिक सुधारों की दिशा उलट दी है

भारत में अब तक इसी उम्मीद से आयातों पर रोक या प्रतिबंध लगाए जाते रहे हैं कि घरेलू उत्पादक भरपाई करेंगे, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ है.

‘दिल्ली सेवा विधेयक’ ने मोदी सरकार और SC के बीच दरार पैदा करने की केजरीवाल की योजना को विफल कर दिया है

केंद्र सरकार और 'अति महत्वाकांक्षी' व्यक्ति दिल्ली के मुख्यमंत्री को इतिहास नहीं भूलना चाहिए. अहंकार और झगड़े के बजाय अन्य गंभीर समस्याओं के समाधान का प्रयास मिलकर करना चाहिए.

ISIS मामले में पुणे के डॉक्टर की गिरफ्तारी से पता चलता है कि ‘चरमपंथी हमेशा पीड़ित नहीं होते हैं’

डॉ. अदनान अली सरकार वैसा जीवन जी रहे थे जिसे कई लोग 'सपने जैसा जीवन' कहते हैं. तो फिर चीजें कहां गलत हुईं?

असम में अहोम के अलावा और भी बहुत कुछ है. प्राचीन कामरूप, बंगाल मान्यताओं को चुनौती देता है

मुग़ल-अहोम युद्ध वास्तव में 1,000 वर्षों की भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की परिणति थी.

‘मेरिट vs कोटा’ की बहस ने SC/ST/OBC को नुकसान पहुंचाया है, ये ‘मेरिटवालों’ को बेनकाब करने का समय है

‘मेधावी’ लोगों के भाई-भतीजावादी आचरण की पड़ताल करने पर हमें पता चलता है कि कैसे उनकी आत्म-केंद्रित रणनीतियों से भारत की विविध जातियों और जनजातियों की वास्तविक योग्यता का अवमूल्यन हुआ है.

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दुनिया तेजी से बदल रही है—भारत को खुद को सुधारना, मजबूत करना और आर्थिक ताकत बढ़ानी चाहिए

आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.

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टीसीएस ने 2026-27 में 25,000 नए स्नातकों को नौकरी की पेशकश दी, और भर्तियां मांग पर निर्भर:अधिकारी

मुंबई, 12 अप्रैल (भाषा) देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.