फिच ने अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग घटाई जिससे भारत समेत दुनिया भर के बाज़ारों में भारी गिरावट आई लेकिन भारत के वित्त बाज़ारों में उथलपुथल की कई वजहें हो सकती हैं.
व्यापार नीति में सुधारों को उलटने की कोशिश अब तक शुल्कों में बढ़ोतरी तक सीमित रही थी, लेकिन अब सरकार ने आगे बढ़कर ठोस प्रतिबंध लागू कर दिए हैं जो लाइसेंस-परमिट राज लाने वाले सोच की ओर वापसी है.
केंद्र सरकार और 'अति महत्वाकांक्षी' व्यक्ति दिल्ली के मुख्यमंत्री को इतिहास नहीं भूलना चाहिए. अहंकार और झगड़े के बजाय अन्य गंभीर समस्याओं के समाधान का प्रयास मिलकर करना चाहिए.
‘मेधावी’ लोगों के भाई-भतीजावादी आचरण की पड़ताल करने पर हमें पता चलता है कि कैसे उनकी आत्म-केंद्रित रणनीतियों से भारत की विविध जातियों और जनजातियों की वास्तविक योग्यता का अवमूल्यन हुआ है.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.