पीड़ित बच्चों के हितों के मद्देनजर पोक्सो में ‘बाल-सुलभ’ अदालतों और ‘मददगार व्यक्तियों’ की मौजूदगी का प्रावधान किया गया है, लेकिन इस पर पूरी तरह अमल नहीं हो रहा है.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.