व्हाट्सएप पर सर्कुलेट हो रही लैब रिपोर्ट में कहा गया था मधुमेह को नियंत्रित करने वाले न्यूट्रास्युटिकल—भोजन या भोजन का ऐसा हिस्सा जो चिकित्सकीय तौर पर लाभप्रद हो—में मेटफॉर्मिन था. जबकि न्यूट्रास्युटिकल्स में एलोपैथिक दवाएं नहीं होनी चाहिए.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 332 और लोगों की मौत के बाद, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4,61,389 हो गई.
29 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच राज्य में 48,914 लोगों को जांच के दौरान कोविड पॉजिटिव पाया गया. इनमें लगभग आधे मरीज़ ऐसे थे जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज़ लग चुकी थी.
डॉ. आरोन बेक ने 1980 और 1990 के दशक में, कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी विकसित की थी. वैज्ञानिक स्टडीज़ के बाद इस थेरेपी ने मानसिक स्वास्थ्य के उपचार में, फ्रायडियन मनोविश्लेषण की जगह लेनी शुरू कर दी.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में पिछले 24 घंटों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 343 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इलाज करा रहे मरीजों की कुल संख्या 1,48,922 हो गई, जो कुल मामलों का 0.43 प्रतिशत है.
जीका वायरस के संक्रमण का पहला मामला पिछली 23 अक्टूबर को सामने आया था जब भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी इसकी चपेट में आए. तब से अब तक यह संख्या बढ़कर 66 हो गयी है.
इससे पहले, विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख डॉ हैन्स क्लूज ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूरोप और मध्य एशिया के 53 देशों के क्षेत्र में कोरोना वायरस की एक और लहर आने का खतरा है या वे पहले से ही महामारी की नई लहर का सामना कर रहे हैं.
डॉ हैन्स क्लूज ने कहा कि क्षेत्र में फरवरी तक पांच लाख और लोगों की महामारी से मौत हो सकती है. क्षेत्र में पिछले हफ्ते की तुलना में छह प्रतिशत ज्यादा मामले सामने आए हैं