Monday, 23 May, 2022
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कानपुर में तेजी से पैर पसार रहा है जीका वायरस, 30 नये मरीज के साथ कुल संख्या 66 हुई

जीका वायरस के संक्रमण का पहला मामला पिछली 23 अक्टूबर को सामने आया था जब भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी इसकी चपेट में आए. तब से अब तक यह संख्या बढ़कर 66 हो गयी है.

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कानपुर: कानपुर में 30 और लोग जीका वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. इसके साथ ही जिले में जीका वायरस के मरीजों की संख्या बढ़कर 66 हो गयी है.

जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर ने शुक्रवार को बताया कि कानपुर में 30 और लोगों में जीका वायरस का संक्रमण पाया गया है.

उन्होंने बताया कि जिले में जीका वायरस के संक्रमण का पहला मामला पिछली 23 अक्टूबर को सामने आया था जब भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी इसकी चपेट में आए. तब से अब तक यह संख्या बढ़कर 66 हो गयी है. वायुसेना केन्द्र के आसपास के इलाकों में लोगों के नमूने एकत्र किये गये थे, जिन्हें जांच के लिये लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय भेजा गया था.

अय्यर ने बताया कि जीका वायरस से संक्रमित लोगों में 45 पुरुष और 21 महिलाएं शामिल हैं. यह वायरस मच्छरों से फैलता है. मच्छरों के नाश के लिये अभियान चलाया जा रहा है. इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम बुखार के मरीजों और गम्भीर रूप से बीमार लोगों को चिह्नित कर उनका इलाज कर रही है.

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निगरानी और वायरस की जांच के लिये घर—घर जाकर नमूने लेना सुनिश्चित करने के आदेश दिये गये हैं.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जीका वायरस का प्रकोप फैलने से रोकने के लिये त्वरित और प्रभावी कदम उठाने के आदेश दिये हैं.


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तुरंत हेल्थ डिपार्टमेंट को सूचित करें

जीका वायरस के मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जनपदों को अलर्ट कर दिया है कि अन्य राज्यों से आने वाले किसी भी व्यक्ति को बुखार की शिकायत होती है तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया जाए तथा उसका परीक्षण कर विभाग की ओर से ही इलाज किया जाए.

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने संवाददाताओं को सूचित किया है कि वे अपने माध्यम से इस सूचना का प्रसार कर सभी प्रदेशवासियों को सचेत कर दें तथा ऐसी स्थिति में तुरंत विभाग को सूचना दी जाए. उन्होंने जीका वायरस के मरीज की पहचान के लक्षणों के बारे में बताया, पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में भी जीका वायरस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और इसे लेकर जिले का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है.

जीका वायरस संक्रमित मरीज को एक साथ तेज बुखार आता है. पूरा बदन तपने लग जाता है. मांसपेशियों में दर्द होता है. यह जानलेवा बीमारी है. इसलिए वायरस को लेकर ठीक से उपचार होना बेहद जरूरी है.

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि जीका वायरस मच्छरों से फैलता है इसलिए मच्छरों से बचाव ही इससे सुरक्षा है. उन्होंने मच्छर जनित रोगों के नियंत्रण हेतु बचाव एवं जागरूकता कार्य को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि यह कार्रवाई जीका वायरस की रोकथाम में उपयोगी सिद्ध होगी.

उन्होंने निगरानी कार्य को तत्परता से किए जाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, फॉगिंग तथा लार्वा रोधी छिड़काव कार्य लगातार किया जाए. यह कार्रवाई कोविड-19 के साथ-साथ जीका वायरस तथा अन्य संचारी रोगों के नियंत्रण में उपयोगी रहेगी.


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