पत्रिका 'नेचर' में प्रकाशित एक जर्मन अध्ययन के अनुसार दुनिया की सबसे घातक महामारी, मध्ययुगीन बुबोनिक प्लेग, का कारण बनने वाले बैक्टीरिया की उत्पत्ति मध्य यूरेशिया में हुई थी.
टीका निर्माता द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अध्ययन को स्वीकार कर लिया गया है और इसे ‘लैंसेट इन्फेक्शियस डिजीजेस’ पत्रिका में प्रकाशित किया गया है.
‘विवाटेक 2022’ में इंडिया पवेलियन में भारत बायोटेक के संस्थापक और अध्यक्ष कृष्णा एला ने कहा कि कंपनी ने जीका वायरस पर संज्ञान लिये जाने से लगभग दो साल पहले उसे लेकर भविष्यवाणी की थी.
कई राज्यों विशेष रूप से महाराष्ट्र में संक्रमण की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जहां मामले एक दिन में 36 प्रतिशत बढ़कर 4,024 हो गए, जबकि केरल में 1,950 मामले दर्ज किए गए.
यूके के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में कहा गया है कि भारत में कोविशील्ड के रूप में मार्केटिंग की जा रही वैक्सीन, जिस तरह से एडल्ट्स में प्रभावी है वैसे ही ब्चचों में भी एंटीबॉडी बनाती है.
अध्ययन में कहा गया है, ‘मौजूदा अध्ययन के सबूत दिखाते हैं कि कोवैक्सीन बूस्टर टीकाकरण से सुरक्षात्मक प्रतिरक्षा बढ़ जती है और डेल्टा तथा ओमीक्रॉन स्वरूप संबंधी बीमारी की गंभीरता कम हो जाती है.’
संक्रमण के तीव्र चरण के दौरान, यह स्वीकार करना महत्वपूर्ण है कि कुछ लोग नींद की गड़बड़ी का अनुभव कर सकते हैं. कोशिश करें कि खराब तरीके से सोने या सोने में अधिक समय लेने से निराश न हों.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.