अभी तक कोई भी राजनीतिक रूप से भारी शब्द ‘लव जिहाद’ का इस्तेमाल नहीं कर रहा है, लेकिन मुट्ठी भर धर्मांतरण ने जो चिंताएं फैलाई हैं, उसने कश्मीर संघर्ष में दशकों से स्थापित की गई नाजुक शांति में उथल-पुथल मचा दी है.
बिहार लंबे समय से बनी अपनी नकारात्मक छवि को बदलने की कोशिश कर रहा है और पर्यटन इसका सबसे नया प्रयास है. बड़ी इंडस्ट्रियों के अभाव में राज्य ने राजस्व बढ़ाने का एक आसान तरीका चुना है.
दरियागंज का पर्दा बाग पुरानी दिल्ली की महिलाओं के लिए उनकी अपनी आरामदायक जगह है. अन्य सार्वजनिक स्थान ऐसे पुरुषों और महिलाओं से भरे पड़े हैं जो असुरक्षित महसूस कराते हैं.
शिमला के संजौली इलाके में एक मस्जिद के विस्तार को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन तेज़ी से दूसरे जिलों में भी फैल गया और अब तक करीब आधा दर्जन मस्जिदें निशाने पर हैं.
स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित करने से लेकर वीरगाथा प्रोजेक्ट को पूरा करने, छात्रों को खाता खोलने के लिए प्रेरित करने तक, स्कूल के टीचर्स नॉन-टीचिंग कार्यों में बहुत समय बिता रहे हैं.
सरकारी बैंक के कर्मचारी म्यूचुअल फंड, बीमा बेचते हैं और कभी लॉग आउट नहीं करते. उनके पास मुश्किल टारगेट और ‘हर महीने बेस्ट परफॉर्मेंस’ के प्राइज़ का स्ट्रेस भी है.
बिहार के सिविल इंजीनियर और सर्वेक्षक 2025 की भूमि सर्वेक्षण की समय-सीमा के पहले काम को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा अनिवार्य कैथी क्रैश कोर्स कर रहे हैं. ‘इसे सीखे बिना काम नहीं हो सकता.’
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?