नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर (भाषा) विश्लेषकों के मुताबिक इस सप्ताह शेयर बाजार में कारोबारी धारणा व्यापक आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक रुझानों और आईटी क्षेत्र...
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है