15 मिनट की डॉक्यूमेंट्री 'जस्टिस डिलेड बट डिलीवर्ड' बनाने वाले कमाख्या नारायण सिंह ने कहा कि बेजुबानों को जुबान देने की अभी के वक्त में सबसे ज्यादा जरूरत है.
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.