हाल के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के तीर उतने निशाने पर नहीं लगे जैसे ‘सूट-बूट वाली सरकार’ का तंज़ निशाने पर लगा था, उन्हें बेरोज़गारी का मुद्दा उठाना चाहिए.
समझाने-बुझाने और खौफ पैदा करने की रणनीति ही सबसे अच्छी और अनिवार्य है. लेकिन इसके लिए आपमें दंड देने की वह क्षमता होनी चाहिए जिससे पाकिस्तान डरे और कोई दुस्साहस करने से बाज आए
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है