scorecardresearch
Wednesday, 22 April, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

हार्दिक के चुनाव लड़ने पर रोक क्या जनांदोलनों की मौत की इबारत है?

अंग्रेजी राज के समय से ही जनांदोलनों में मुकदमा होना या निचली अदालतों में सजा हो जाना कोई दुर्लभ बात नहीं है. निचली अदालतों के आदेश के आधार पर चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने के कानून पर राष्ट्रीय बहस होनी चाहिए.

महाराष्ट्र की राजनीतिः बेगानी शादी में राज ठाकरे दीवाना

शरद पवार की कोशिश से सेकुलर गठबंधन ने राज ठाकरे को सीट भले ही न दी हो उन्हें भाषण के लिए मौका देने का फैसला किया है.

आप हिंदू राष्ट्रवादी और आंबेडकरवादी दोनों ही हो सकते हैं

यदि साम्यवादियों की वर्तमान पीढ़ी को आंबेडकरवाद पर एकाधिकार की अनुमति दी जाती है, तो यह डॉ. बीआर आंबेडकर की विरासत के साथ अन्याय होगा.

भाजपा के घोषणापत्र में परिणाम से ज़्यादा काम पर ज़ोर और नीति पर ध्यान नहीं

चुनाव घोषणापत्र मोदी के विकास पर नज़रिए को रेखांकित करता है: कितने जन धन खाते खुले, परिणाम - इन खातों में कितनी लेन-देन हुआ.

प्योर हिन्दी बोल नहीं पाता, व्हाट शुड आई डू सर? युवाओं के बीच हिंदी की दुर्दशा

कहा जा रहा है हिन्दी एक कठिन भाषा है, चुनांचे वह सर्वग्राही नहीं. अगर यह सच है तो युवाओं में शुद्ध हिन्दी बोलने सुनने की उत्कंठा क्यों?

भारत नहीं, कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जाती है डॉ. भीमराव आम्बेडकर की आत्मकथा

आम्बेडकर की आत्मकथा के बारे में जानिए जो उन्होंने 1935-36 में लिखी. यह कोलंबिया विश्विद्यालय में पढ़ाई जाती है और उसके बारे में भारत में काफी कम चर्चा हुई.

मादरेवतन गमगीन न हो, दिन अच्छे आने वाले हैं, पाजियों और मक्कारों को हम सबक सिखाने वाले हैं!

देश और समाज के लिए सबके अपने-अपने सपने थे, जिन्हें जनता के बीच ले जाया जाता था और उन्हें पूरा करने के लिए वोट मांगे जाते थे.

बी.पी. मंडल ने मंडल कमीशन रिपोर्ट लिख कर बदल दी 60 करोड़ ओबीसी की तकदीर

बी.पी. मंडल की अध्यक्षता में लिखी गई रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार की नौकरियों में पिछड़े वर्गों को 27 परसेंट आरक्षण मिला. जिसे मंडल कमीशन के लोकप्रिय नाम से जाना जाता है.

औरत के वजूद को उसके सिर के बालों तक सीमित न कीजिये

यह देखना सुखद है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री हाल के कुछ अरसे में दकियानूसी नजरिये से बखूबी टक्कर ले रही हैं.

‘आधी रोटी खाएंगे, इंदिरा जी को लाएंगे,अबकी बारी अटल बिहारी’- क्यों नहीं सुनने को मिल रहे ऐसे नारे

देश की जनता को कुछ फड़कते हुए नारे सुनने को मिलेंगे. ये ही नारे तो जनता को किसी दलविशेष की तरफ खींचते हैं. ये चुनावों का अभिन्न अंग हैं.

मत-विमत

अमेरिका अब तक ईरान को क्यों नहीं हरा पाया? क्योंकि ट्रंप कम खर्च में जीत हासिल करना चाहते हैं

ट्रंप का ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का लक्ष्य, ईरान में इस्लामी शासन को गिराए बिना पूरा नहीं किया जा सकता, और यह काम ज़मीनी सैन्य आक्रमण (ग्राउंड इनवेज़न) के बिना संभव नहीं लगता.

वीडियो

राजनीति

देश

भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा : प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम हमले की बरसी पर कहा

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर बुधवार को कहा कि भारत आतंकवाद के किसी...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.