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Wednesday, 22 April, 2026
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बीजेपी के निशाने पर यूपी में कांग्रेस, 22 का खेल 42 पर ख़तरा

बीजेपी के लिए ये 22 प्रतिशत वोट बड़ा भरोसा हैं. 2014 में इसी 22 प्रतिशत के सहारे उसने करीब 42 प्रतिशत वोट और 71 सीटें बटोरी थीं.

यूपी में बीजेपी विरोधी सेकुलर वोटों के असली हकदार सपा-बसपा-रालोद

उपचुनावों के नतीजों से साफ है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुकबला सपा-बसपा गठबंधन से है. अगर कोई जादू न हुआ तो कांग्रेस खेल से बाहर है.

परिवारवाद की राजनीति में केसीआर, पवार और नायडू से 1 कदम आगे हैं देवगौड़ा

कर्नाटक में देवगौड़ा के समर्थकों तक का मानना है कि उन्हें अब सिर्फ अपने खानदान के राजनीतिक भविष्य की चिंता है.

कन्हैया ने कैसे जुटाया 70 लाख रु. और राजू यादव क्यों हुए नाकाम

क्राउडफंडिंग में सफल होने के लिए लोगों को जानना जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी ये भी है कि आप किन लोगों को जानते हैं और कौन आपको जानता है और उनकी हैसियत कितनी है.

‘यादव’ जाति का वोट बैंक यूपी-बिहार में सांप्रदायिकता नहीं फैलने दे रहा!

अगर केंद्रीय चुनाव के हिसाब से देखें तो यही यादव वोट सांप्रदायिकता के खिलाफ दो पार्टियों का हथियार बनकर उभरे हैं.

नमक से पहले पानी: आंबेडकर का महाड़ मार्च बनाम गांधी का दांडी मार्च

महाड़ सत्याग्रह आज भी अपनी अंतिम विजय की प्रतीक्षा कर रहा है. जाति के विनाश के साथ ही महाड़ सत्याग्रह अपनी अंतिम परिणति तक पहुंचेगा.

रॉ की क्षमता बढ़ाने के लिए उसे सीआईए के पैटर्न को अपनाना होगा

पॉलिसी बनाने वालों को पारंपरिक सोच से बाहर निकल कर कुछ क्रिएटिव रिफॉर्म लाना चाहिए. बिना मानव संसाधन की मदद लिए खुफिया बदलाव लाना अधूरा होगा.

आरा के ‘सर्वदलीय उम्मीदवार’ राजू यादव को लेकर इतना सन्नाटा क्यों हैं भाई!

शोले फिल्म का एक मशहूर डायलॉग है कि ‘इतना सन्नाटा क्यों है भाई.’ आरा से बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे सीपीआई (एमएल) कैंडिडेट को लेकर यही सवाल मीडिया से पूछा जाना चाहिए.

गरीबों को जब ‘न्याय’ नहीं मिल रहा, तो ये नेता उनके घर जाकर दावत उड़ाने में क्यों लगे हैं?

संबित पात्रा ऐसे पहले नेता नहीं हैं जो गरीब के घर खाना खा रहे हैं. उनसे पहले भी राष्ट्रीय पार्टियां ये चुनावी ट्रिक इस्तेमाल कर चुकी हैं.

उत्तर प्रदेश के नाराज ब्राह्मण इस बार किस पार्टी के साथ?

उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के पास तीन विकल्प हैं. या तो बीजेपी के साथ बनें रहें या कांग्रेस में विकल्प तलाशें. तीसरा विकल्प है कि जिस भी पार्टी का मजबूत ब्राह्मण कैंडिडेट हो, उसका समर्थन करें.

मत-विमत

बंगाल में BJP को चाहिए बंगाली चेहरा, सिर्फ केंद्रीय नेताओं पर भरोसा ही काम नहीं करेगा

अपने पूर्व अवतार जनसंघ की स्थापना के बाद 70 साल से भगवा उभार का इंतिजार कर रही BJP क्या इस बार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राज्य को जीत पाएगी?

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राजनीति

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भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की अपनी नीति जारी रखेगा : शाह

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले वर्ष हुए पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को बुधवार को...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.