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Thursday, 28 May, 2026

मोनीदीपा बनर्जी

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मत-विमत

ट्विशा शर्मा की मौत ने एक आधुनिक भारतीय महिला को फिर से सार्वजनिक कटघरे में खड़ा कर दिया है

ट्विशा शर्मा से लेकर सुनंदा पुष्कर और जिया खान तक—भारत ने लंबे समय से एक क्रूर रस्म को बखूबी अपना लिया है: मृत महिलाओं को ही कटघरे में खड़ा कर देना, जबकि असली सवाल कहीं पीछे छूट जाते हैं.

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नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 77,821 करोड़ रुपये का शुद्ध...

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