(रॉबिन जान्स एवं रोवेना डिजेल, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, सिडनी)सिडनी, तीन सितंबर (द कन्वरसेशन) कार्यस्थल पर कामकाज की समीक्षा के दौरान जब एक कर्मचारी जेन...
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है