करीब 15 साल तक विपक्ष में रहने के बाद 2018 में कांग्रेस पहली बार चुनाव जोगी के बिना लड़ी थी और 90 सीटों वाली विधानसभा में 67 सीट के साथ भारी बहुमत से जीत हासिल की, उपचुनाव में भी कांग्रेस ने बाजी मारी और आंकड़ा 69 पर पहुंच गया.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राजग के 2010 की शानदार सफलता का जिक्र करते हुए वैसा ही प्रदर्शन इसबार भी इसे दोहराने का दावा किया जब गठबंधन ने विधानसभा की 80 प्रतिशत से अधिक सीटें जीती थीं.
मोदी और शाह द्वारा शिवराज सिंह चौहान को दरकिनार किया जाना सिंधिया को मप्र में भाजपा का वैकल्पिक चेहरा नहीं बनाता है. वंशवाद भी उनकी संभावनाएं क्षीण करता है.
मध्यप्रदेश कैबिनेट विस्तार के लिए दिल्ली में रविवार और सोमवार को बैठकों का दौर चलता रहा. लेकिन मंगलवार सुबह सीएम चौहान खाली हाथ ही भोपाल लौट गए. राज्य में उपमुख्यमंत्री बनाने और नहीं बनाने को लेकर भी पेंच उलझा हुआ है.
मुंबई, तीन मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने मंगलवार को...