मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में शिवसेना ने लिखा कि यूपीए का मालिकाना हक 7/12 कांग्रेस के नाम पर है. उसमें बदलाव किए बिना विपक्षी नेताओं को मजबूती से एक साथ लाना संभव नहीं दिखाई देता.
राम विलास पासवान की पत्नी रीना पासवान द्वारा दायर इस याचिका को जस्टिस यशवंत वर्मा ने खारिज कर दिया. बेंच ने कहा, 'यह आपका पार्टी हेडक्वार्टर नहीं है. कृपया बंगले को छोड़ दीजिए.'
72 राज्यसभा सदस्यों के लिए उपराष्ट्रपति वैकैया नायडू की ओर से दिए जा रहे रात्रि भोज में, 6 सांसदों का प्रदर्शन शामिल होगा. कुछ सदस्य मार्च में रिटायर हुए, जबकि 19 सदस्य अप्रैल में विदा होंगे, और बाक़ी आने वाले महीनों में अगस्त तक जाएंगे.
विपक्षी गठबंधन के एक प्रमुख नेता ओम प्रकाश राजभर ने हालांकि, इस मुद्दे को तूल नहीं देने की कोशिश करते हुए कहा कि उनके परिवार के भीतर 'कुछ मुद्दे' हैं और वह सभी प्रयास कर रहे थे कि सभी एक साथ रहें.
रिटायर हो रहे नेताओं में कपिल सिब्बल, पी. चिदंबरम, जयराम रमेश और एके एंटनी जैसे कई दिग्गज नेता शामिल हैं. आने वाले कुछ दिनों में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल रिटायर हो जाएंगे.
रवि ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘हलाल एक आर्थिक जिहाद है. इसका मतलब है कि इसका इस्तेमाल जिहाद की तरह किया जाता है ताकि मुसलमानों को अन्य के साथ व्यापार नहीं करना चाहिए. यह लागू किया गया है. जब वे सोचते हैं कि हलाल मांस का इस्तेमाल होना चाहिए तो इसमें यह कहने में क्या गलत है कि इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए?’
बीजेडी की पंचायत और निकाय चुनाव में शानदार जीत के बाद आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारियों ने नवीन पटनायक के आवास पहुंचकर बधाई दी. बीजेपी ने कहा यह अधिकारियों के 'वेश में राजनेता' हैं.
कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल का कहना है कि एक कानून ले तहत बारात को 50 लोगों तक सीमित कर दिया चाहिए. साथ ही, लड़की वालों की तरफ से भी उतने ही मेहमानों के शामिल होने की अनुमति होनी चाहिए. उनका कहना था कि अधिक -से- अधिक 11 व्यंजन ही परोसे जाने चाहिए.
रामबिलास पासवान करीब तीन दशक तक 12-जनपथ स्थित बंगले में रहे थे. ये बंगला केंद्रीय मंत्रियों के लिए निर्धारित है और सरकारी आवास में रहने वालों को इसे खाली करने के लिए कहा गया है.
बुधवार को केजरीवाल के घर के सामने बीजेपी कार्यकर्ता फिल्म 'कश्मीर फाइल्स' को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. जिसके बाद दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने इस हमले का दावा किया है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?