Monday, 27 June, 2022
होमराजनीतिमीराबाई के पद, टैगोर और किशोर के गीत- रिटायर हो रहे राज्यसभा सदस्यों के संगीतमय विदाई की तैयारी

मीराबाई के पद, टैगोर और किशोर के गीत- रिटायर हो रहे राज्यसभा सदस्यों के संगीतमय विदाई की तैयारी

72 राज्यसभा सदस्यों के लिए उपराष्ट्रपति वैकैया नायडू की ओर से दिए जा रहे रात्रि भोज में, 6 सांसदों का प्रदर्शन शामिल होगा. कुछ सदस्य मार्च में रिटायर हुए, जबकि 19 सदस्य अप्रैल में विदा होंगे, और बाक़ी आने वाले महीनों में अगस्त तक जाएंगे.

Text Size:

नई दिल्ली: राज्यसभा के पटल पर उन्होंने बहुत से सदस्यों को अपने ज्ञान और धुंआधार भाषणों से प्रभावित किया होगा, जो अक्सर बिना तैयारी के होते थे. लेकिन बृहस्पतिवार को संसद के छह राज्यसभा सदस्य (एमपी), रिटायर हो रहे अपने कुछ साथियों के विदाई रात्रि भोज में, अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे.

रबींद्रनाथ टैगोर के गीतों से लेकर, किशोर कुमार के गानों, मीराबाई के पद, और दक्षिणी पार्श्व गायक पीबी श्रीनिवास के गाए एक मशहूर तमिल गीत तक, छह सांसद अपने मिले-जुले चयन से, महत्वपूर्ण सभा को सम्मोहित करने की तैयारी कर रहे हैं. अपने एकल प्रदर्शन के अलावा, सभी छह सांसद एक समूहगान भी पेश करेंगे- और वो होगा 1976 की फिल्म चलते चलते से किशोर कुमार का लोकप्रिय गीत, चलते चलते मेरे ये गीत याद रखना.

राज्यसभा के इतिहास में ऐसा दूसरी बार हो रहा है, कि सदस्य अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे. संसदीय सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया, कि 20 साल पहले उच्च सदन सदस्यों के द्विवार्षिक रिटायरमेंट के अवसर पर, बाल कवि बैरागी ने- जो उस समय मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे- कुछ दूसरे सदस्यों के साथ मिलकर, एक संगीत प्रदर्शन पेश किया था.

बृहस्पतिवार के डिनर का आयोजन भारत के उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू द्वारा, रिटायर हो रहे 72 सदस्यों के लिए किया जा रहा है. कुछ सदस्य मार्च में पहले ही रिटायर हो चुके हैं, जबकि 19 सदस्य अप्रैल में विदा होंगे, और अन्य आने वाले महीनों में अगस्त तक जाएंगे.

उप-राष्ट्रपति ने आयोजन की तैयारी के लिए, उपाध्यक्ष हरिवंश नारायण सिंह की अगुवाई में एक कमेटी गठित की थी, जिसने तृणमूल कांग्रेस नेता सुखेंदु शेखर रॉय को ज़िम्मा सौंपा था कि इच्छुक सदस्यों की ओर से प्रदर्शनों का प्रबंध करें.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

संसद में भाषण देने के लिए भले ही उन्हें, ज़्यादा या बिल्कुल भी रिहर्सल न करना पड़ा हो, लेकिन बृहस्पतिवार शाम प्रदर्शन करने वाले छह सांसदों में से अधिकतर, अपनी संगीत प्रस्तुतियों को लेकर बहुत एहतियात बरत रहे हैं. कई ने दिप्रिंट को बताया कि पिछले क़रीब एक सप्ताह से, राज्यसभा की चल रही कार्यवाही के साथ, वो अपनी दूसरी प्रतिबद्धताओं को भी संभाल रहे हैं, जिनमें घर तथा ससंद एनेक्सी तक में रिहर्सल तक में रिहर्सल शामिल हैं.

उनके प्रदर्शन से पहले दिप्रिंट ने इन छह सांसदों से बातचीत की.


यह भी पढ़ेंः 52 साल की राजनीति को कांग्रेस नेता एके एंटनी कहेंगे अलविदा, बोले- अब नहीं बनना राज्यसभा सांसद


‘ये भावना है जो मायने रखती है’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सांसद वंदना चव्हाण ने दिप्रिंट से कहा, ‘मुझे बहुत घबराहट हो रही है…मैं सोनल मानसिंह जी, या डोला सेन की तरह कोई पेशेवर नहीं हूं, जो बहुत अच्छा गाती हैं. मैं कभी कभी पारिवारिक मिलन के मौक़े पर गा लेती हूं’. वो 1974 की विनोद खन्ना अभिनीत फिल्म इम्तिहान से किशोर कुमार का गाया गीत रुक जाना नहीं तू कहीं हार के गाने की तैयारी कर रही हैं.

सांसद ने कहा कि सोमवार के अलावा, जब प्रदर्शन करने वाले छह में से अधिकतर सांसद, अभ्यास करने के लिए संसद एनेक्सी में जमा हुए थे, संसद के व्यस्त कार्यक्रम ने उनके लिए, रिहर्सल करने का ज़्यादा समय ही नहीं छोड़ा है.

चव्हाण ने आगे कहा, ‘असल में ये रिटायर हो रहे सांसदों के प्रति भावना है, जो मायने रखती है. सुर भले ही परफेक्ट न हों, लेकिन भावना में कोई कमी नहीं है’.

नृत्यांगना और बीजेपी राज्यसभा सांसद सोनल मानसिंह ने स्वीकार किया, कि पहले वो नृत्य करना चाहतीं थीं, लेकिन फिर उन्होंने वो विचार छोड़ दिया, क्योंकि उसके लिए ज़्यादा व्यापक प्रबंध करने पड़ते. ‘इसलिए मैंने उसके बजाय मीराबाई के पद गाने का फैसला किया’, जो 16वीं शताब्दी की हिंदू रहस्यवादी कवयित्री मीराबाई द्वारा लिखे गए हैं.

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन एक रबींद्र संगीत बिधिर बाधों कटबे तुमी का गायन करेंगी. इस गीत की रचना कवि ने 1905 में उस समय की थी, जब अंग्रेज़ों ने बंगाल का विभाजन कर दिया था.

सेन ने दिप्रिंट से कहा, ‘मैं एक कार्यकर्त्ता हूं जो नारेबाज़ी में अच्छी है, गायन में नहीं. लेकिन मेरे लिए बहुत ख़ुशी की बात है, कि मैं अपने सहकर्मियों के लिए गा रही हूं, जो रिटायर हो रहे हैं’.

उन्होंने आगे कहा: ‘मैं रिहर्सल के लिए संसद एनेक्सी में नहीं जा सकी. मैं अनौपचारिक तौर पर गाती हूं. मैं किसी औपचारिक सेटिंग में गाने की आदी नहीं हूं…मैं नर्वस हो जाती हूं’.

उनके तृणमूल कांग्रेस सहकर्मी डॉ शांतनु सेन भी उन सांसदों में से हैं, जो बृहस्पतिवार को अपनी प्रस्तुति देंगे. सेन, जो एक पेशेवर गिटारिस्ट हैं, गिटार पर किशोर कुमार का एक लोकप्रिय गीत पल-पल दिल के पास तुम रहती हो बजाएंगे, जो 1973 की फिल्म ब्लैकमेल से है.

सेन ने कहा, ‘कोलकाता में मेरा एक पेशेवर बैण्ड है और मैं अक्सर गिटार बजाता हूं, लेकिन ये पहली बार है कि मैं अपने साथी सांसदों के लिए बजाऊंगा’.

इस बीच, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सांसद तिरुचि शिवा ने, इस आयोजन के लिए एक तमिल गीत चुना है, जिसे मूल रूप से जाने-माने तमिल पार्श्व गायक पीबी श्रीनिवास ने गाया है. उन्होंने दिप्रिंट को बताया, ‘ये एक तमिल मूवी का पुराना गीत है’.

शिवा ने भी स्वीकार किया कि प्रदर्शन को लेकर वो थोड़ा घबराए हुए हैं, क्योंकि संसद के व्यस्त कार्यक्रम के चलते, वो ज़्यादा अभ्यास नहीं कर पाए.

बृहस्पतिवार को अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले सबसे बुज़ुर्ग सदस्य हैं, 72 वर्षीय बीजेपी राज्यसभा सांसद राम चंद्र झांगरा, जिन्होंने कहा कि उन्हें ज़्यादा अभ्यास करने की ज़रूरत नहीं है, वो अपने दोस्तों की महफिल में अक्सर गाते रहते हैं.

झांगरा ने बताया, ‘मेरे दोस्तों का एक समूह है जो हरियाणा के मेरे पैतृक गांव खरखाड़ा से है. महीने में एक बार हम मेहम में मेरे ठिकाने पर मिलते हैं, जहां हम पुराने समय के बारे में गप-शप करते हैं और गाते हैं. 72 की आयु में मेरे अच्छे स्वास्थ्य का रहस्य यही है’.

उन्होंने आगे कहा: ‘मैंने दो गीत चुने हैं- पूरब और पश्चिम फिल्म से ‘भारत का रहने वाला हूं’ और राजेश खन्ना अभिनीत आनंद से ‘ज़िंदगी कैसी है पहेली’. मैं कोई भी गाना गा दूंगा जो सहस्य सुनना चाहेंगे’.

शाम के विदाई डिनर के अलावा, रिटायर हो रहे 72 सांसदों को बृहस्पतिवार को उच्च सदन से विदाई दी जाएगी, जहां उप-राष्ट्रपति नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सदन के नेता पीयूष गोयल, नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, और रिटायर हो रहे कई सदस्य सदन को संबोधित करेंगे.

(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)


यह भी पढ़ेंः ‘फिर आइएगा,’ रिटायर हो रहे 72 राज्यसभा सांसदों से पीएम मोदी ने कहा – अनुभवी साथियों के जाने की कमी हमेशा खलेगी


 

share & View comments