बीजेपी नेताओं का कहना है कि पार्टी के राज्य प्रमुख सी.आर. पाटिल राजनीतिक और सरकारी फैसलों में ज्यादा दखल रखते हैं जबकि ‘लो-प्रोफाइल’ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल कार्यकर्ताओं की बात सुनने और आउटरीच में मददगार साबित हो रहे हैं.
30 मई से पार्टी एक आउटरीच कार्यक्रम शुरू करने जा रही है जो कि 15 जून को खत्म होगा. ये कार्यक्रम '8 साल: सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण ' के तहत किया जाएगा.
सवर्ण भूमिहार, जो भाजपा के मूल मतदाता आधार का हिस्सा रहे हैं, पार्टी से लगातार अलग होते जा रहे हैं और वे अपने पारंपरिक 'दुश्मन' राजद के पाले में चले जाने की कसमें भी खा रहे हैं.
दो बड़े नेताओं के भाजपा खेमे में शामिल हो जाने के बाद आप ने इन स्वयंसेवकों को एक महीने के लिए हिमाचल प्रदेश भेजा है, ताकि इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी का फिर से खड़ा किया जा सके.
बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख को शहर में आने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश के शीर्ष पुजारियों और संतों से समर्थन मांग रहे हैं.
दिल्ली भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता ने नई दिल्ली नगर परिषद को पत्र लिख कर इन सड़कों के नाम बदलकर गुरु गोबिंद सिंह, महाराणा प्रताप, डॉ कलाम और जनरल रावत के नाम पर रखे जाने की मांग की है.
दिप्रिंट ने आदेश गुप्ता से बुलडोजर ऑपरेशन से लेकर बग्गा की गिरफ्तारी तक और दिल्ली में CAA NRC से लेकर MCD चुनावों के लिए बीजेपी की तैयारी पर बातचीत की.
सोमवार को सीडब्ल्यूसी की बैठक में प्रस्ताव लाया गया और सदस्यों ने सहमति व्यक्त की कि 13 से 15 मई तक उदयपुर में विचार-मंथन सत्र से पहले यह 'अच्छा ऑप्टिक्स' होगा.
राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'