दिल्ली नगर निगम के चुनावों से पहले भाजपा ने अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने लाने के लिए एक सकारात्मक अभियान चलाने का फैसला किया है. पार्टी यहां सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है.
थरूर ने ट्वीट किया कि अंग्रेजों का ‘किसी अल्पसंख्यक को अपने सबसे शक्तिशाली कार्यालय’ पहुंचाना एक ‘दुर्लभ’ कदम है. वहीं, शीर्ष भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर साधा निशाना. इस दौरान सोनिया गांधी के इतालवी मूल का मुद्दा भी उछला.
कभी गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के करीबी और पीएम नरेंद्र मोदी के अन्य आलोचकों में शुमार रहे गोवर्धन झड़फिया के भाजपा के साथ रिश्ते काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं.
केजरीवाल ने ट्विटर पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'रेवड़ी' या मुफ्त सौगात देने की राजनीतिक संस्कृति की आलोचना की थी.
जयराम रमेश का कहना है कि राज्य के विभाजन को लेकर कांग्रेस के खिलाफ गुस्सा बरकरार है. आंध्र में पार्टी का पुनरुद्धार एक लंबी प्रक्रिया होगी. 2019 के चुनावों में पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले थे.
शुक्रवार को सम्पन्न गौरव यात्रा में आदिवासी बेल्ट पर फोकस करते हुए पांच रूट को कवर किया गया. गुजरात में 2017 के चुनाव में कांग्रेस की 77 सीटों और 41 फीसदी वोटों की तुलना में भाजपा ने 49 फीसदी वोट हासिल किए थे और कुल 182 में 99 सीटों पर जीत दर्ज की थी.
गौरतलब है कि राजनीतिक रणनीतिकार किशोर ने गुरुवार को दावा किया था कि कुमार ‘अभी भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संपर्क में हैं और अगर परिस्थितियां बनती हैं तो वह फिर पार्टी के साथ गठबंधन कर सकते हैं.’
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.