कईं एससी संगठनों ने हट्टी समुदाय को एसटी का दर्जा देने के कदम का विरोध करते हुए मार्च निकाला था. माना जा रहा है कि इस इलाके में बीजेपी के खराब प्रदर्शन की एक वजह उसके प्रति दलितों की नाराजगी भी रही है.
आप के मौजूद नहीं होने से 17 सीटों पर जीत हासिल करने वाली कांग्रेस को 33 और सीटें हासिल करने में मदद मिलती और शायद विधानसभा में भाजपा की सीटों की संख्या 123 पर आ सकती थी.
विधानसभा चुनावों में निर्दलीय के रूप में किस्मत आजमाने वाले बागियों ने जहां आठ सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों की जीत की संभावनाओं पर पानी फेर दिया, वहीं कांग्रेस उम्मीदवारों को उनके चलते चार सीटों पर हार का सामना करना पड़ा.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि गुजरात में कांग्रेस का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के साथ ही उसके गठबंधन के ‘अनौपचारिक घटक दलों’ एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी के साथ था.
गुजरात पुलिस ने बृहस्पतिवार को महानगरीय अदालत से जमानत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर गोखले को मोरबी पुल हादसे पर उनके ट्वीट से जुड़े मामले को लेकर गिरफ्तार कर लिया था.
द वाशिंगटन पोस्ट लिखता है, ‘भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी ने अपने गृह राज्य गुजरात में 27 साल की जीत को बरकरार रखा, लेकिन उत्तरी राज्य हिमाचल प्रदेश और नई दिल्ली में सत्ता खो दी.’
हिमाचल प्रदेश में विधायक दल का नेता चुनने को लेकर बैठक होने जा रही है. इससे पहले प्रतिभा सिंह ने कहा कि वे उनके परिवार की उपेक्षा नहीं कर सकते. हम उनके नाम, चेहरे और काम पर यह चुनाव जीते हैं.
अगस्त में नीतीश कुमार के राजद के साथ गठबंधन सरकार के लिए पाला बदलने के बाद जदयू और भाजपा के बीच सीधे तौर पर यह पहला चुनावी मुकाबला था. केदार गुप्ता ने पूर्व मंत्री मनोज कुशवाहा को 3600 से ज्यादा वोटों से हराया.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.