अशोक लवासा ने चुनाव आयोग की बैठकों से तब तक के लिए खुद को अलग कर लिया है, जब तक कि आयोग उनकी विसम्मति वाली राय को सार्वजनिक करने की मांग को मान नही लेता हो.
बीजेपी अपनी उग्रता लगातार बढ़ा रही है और उसे स्वीकार्यता दिलाने में लगी है. उसने वाजपेयी से आडवाणी, मोदी और योगी तक की यात्रा की है. पहली बार वह आतंकवादी के अभियुक्त को चुनाव लड़ा रही है.
जन्म से ठाकुर, और यादव परिवार में शादी करने वाली डिंपल यादव जब एक प्रभावशाली दलित नेता के चरण स्पर्श करती हैं तो दरअसल वो उस वर्ण व्यवस्था को चुनौती देती हैं, जिसने हर जाति की महिलाओं और वंचित जातियों को निम्न बताया है.
आर्थिक क्षेत्र में जो गति हासिल की गई थी उसका दम निकल गया है और अर्थव्यवस्ता का हर पहलु मंदी दिखा रहा है क्योंकि पिछले 15 वर्षों में बहुत कम सुधार किए गए है.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.