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Sunday, 22 March, 2026
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अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव, जिसके बाद दुनिया में बदल गया ओपिनियन पोल का तरीका

एग्ज़िट पोल भारत में भले ही अब जाकर व्यापक विवाद का विषय बनकर उभरे हैं, लेकिन पश्चिमी देशों में इस पर काफ़ी पहले ही विवाद हो चुका है.

जब मतभेद हों तो कैसे निपटें, चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट से सीखना चाहिए

अशोक लवासा ने चुनाव आयोग की बैठकों से तब तक के लिए खुद को अलग कर लिया है, जब तक कि आयोग उनकी विसम्मति वाली राय को सार्वजनिक करने की मांग को मान नही लेता हो.

राजीव गांधी की अंत्येष्टि में शामिल थे नवाज़ शरीफ और बेनज़ीर

20 मई, 1991 को राजीव गांधी ने दिल्ली के निर्माण भवन में लोकसभा चुनाव के लिए अपना वोट दिया और वे निकल गए चुनाव प्रचार के लिए.

अगर एग्ज़िट पोल बढ़-चढ़कर नहीं बता रहे तो भाजपा के लिए नतीजे और बड़े हो सकते हैं

अगर आपकी रुचि खास राज्यों में है, तो 23 मई को आपके लिए कुछ रहस्य बाकी है.

दुनियाभर के वैज्ञानिकों को मूलनिवासियों से इंसान की बची सांस बचाने की आस

प्रकृति को बचाने के लिए हम कैसे रहते हैं और हम प्रकृति के बारे में कैसे सोचते हैं, इस पर पुनर्विचार की आवश्यकता है.

प्रज्ञा ठाकुर कोई अपवाद नहीं, बीजेपी का भविष्य हैं

बीजेपी अपनी उग्रता लगातार बढ़ा रही है और उसे स्वीकार्यता दिलाने में लगी है. उसने वाजपेयी से आडवाणी, मोदी और योगी तक की यात्रा की है. पहली बार वह आतंकवादी के अभियुक्त को चुनाव लड़ा रही है.

एग्ज़िट पोल आज क्या कहेंगे, चुनाव विश्लेषक संजय कुमार कर रहे हैं भविष्यवाणी

वोटिंग की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद बारी आती है एग्जिट पोल की. पर क्या समाचार चैनल पूरी तस्वीर बता रहे हैं?

कुछ ऐसे हो सकते हैं 2019 लोकसभा चुनाव के परिणाम : योगेंद्र यादव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में वापस आने के तीन रास्ते हैं.

डिंपल यादव ने मायावती के पैर छूकर जाति व्यवस्था को चुनौती दी है 

जन्म से ठाकुर, और यादव परिवार में शादी करने वाली डिंपल यादव जब एक प्रभावशाली दलित नेता के चरण स्पर्श करती हैं तो दरअसल वो उस वर्ण व्यवस्था को चुनौती देती हैं, जिसने हर जाति की महिलाओं और वंचित जातियों को निम्न बताया है.

भारत को ढांचागत सुधार की ज़रूरत है, नहीं तो गिरती विकास दर के लिए तैयार रहना पड़ेगा

आर्थिक क्षेत्र में जो गति हासिल की गई थी उसका दम निकल गया है और अर्थव्यवस्ता का हर पहलु मंदी दिखा रहा है क्योंकि पिछले 15 वर्षों में बहुत कम सुधार किए गए है.

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‘विश्वगुरु’ बनने का हमारा-आपका भ्रम, दुनिया को देखने की समझ बिगाड़ रहा है

एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.

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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने मत्स्य परियोजना के लिए केंद्रीय अनुदान पर प्रधानमंत्री का आभार जताया

जम्मू, 21 मार्च (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को मत्स्य पालन विकास परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 111.66 करोड़ रुपये के...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.