ताजा शोध के मुताबिक अगले तीन साल मौसम सामान्य से ज्यादा गर्म रहेगा. जबकि इससे पहले ये शोध हो चुका है कि गर्मी में आत्महत्याएं, आत्महत्याओं की कोशिशें, हिंसा ज्यादा होती है.
अखिलेश को शायद इसका अंदाजा भी नहीं होगा कि सर्वणों में उनकी लोकप्रियता कितनी है. मेरे मुताबिक वह मोदी के बाद यूपी में दूसरे सबसे पाॅपुलर नेता हैं. लेकिन 2019 चुनाव का उनका पूरा पाॅलिटकल कैंपेन 'एंटी सर्वण' दिखा.
अब ये परिवार का वैसे मसला नहीं रह गया, जो सोनिया गांधी और उनके दो बच्चों तक सीमित हो. कार्यकर्ताओं को पता होना चाहिए कि प्रियंका के पास कितने अधिकार हैं.
मोदी एक मज़बूत नेता के नेतृत्व में सरकार द्वारा संचालित पूंजीवाद के अपने मॉडल को आगे बढ़ाएंगे. पर हमें पता है कि भारत जैसी जटिल और निजी सेक्टर संचालित अर्थव्यवस्था में ये कामयाब नहीं हो सकता.
मौजूदा लोकसभा चुनाव में उन राजनीतिक दलों को गहरा धक्का लगा है, जो खासकर उत्तर भारत में वंचित समूहों का नेतृत्व करने का दावा करते थे. आखिर क्यों फंस गई है सामाजिक न्याय की राजनीति?
महिलाओं के अंदर भी जाति है, वर्ग है, शिक्षा का भेद है. इन असमानताओं को स्वीकार किए बगैर बनने वाली नीतियां विभेद को और बढ़ाएंगी. इसलिए महिला आरक्षण में वंचित जाति की महिलाओं को अलग से आरक्षण मिलना चाहिए.
मोदी-शाह की जोड़ी के नेतृत्व में भाजपा के मंदिर मंत्र ने मंडलवाद को बेअसर करके अखिल हिंदू वोट बैंक को जन्म दिया, मोदी से टक्कर लेने के लिए अब नई राजनीति का आविष्कार करना होगा
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.