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Saturday, 28 February, 2026
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सीपेक चीन-पाकिस्तान का भ्रष्टाचार गलियारा है, यह भारतीय सुरक्षा को नए तरीके से चुनौतियां दे रहा है

पैंगोंग में पहली झड़प हंदवाड़ा हमले की तीन दिन बाद हुई. ये एक संयोग हो सकता है. पर पाकिस्तान की निर्णय प्रक्रिया पर चीन की विशिष्ट छाप संभव है.

हाथी हो या गाय- हिंदुत्ववादियों को उनकी हत्या की परवाह नहीं, ये बस राजनीतिक रोटियां सेंकने का बहाना है

हिंदुत्व ब्रिगेड को गोवध या पशुओं की बलि देने में कोई परहेज नहीं है बशर्ते इससे दलित, मुसलमान, ईसाई या आदिवासी जुड़े हों, यानी उनका विरोध और शोर शराबा नकली है.

भारत-चीन सीमा विवाद: अमेरिका को तवज्जो देकर क्या हम अपने पड़ोस में मुसीबत खड़ी कर रहे हैं

पाकिस्तान और चीन से ही नहीं, नेपाल, श्रीलंका व बंगलादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ भी हमारे संबंध अच्छे नहीं हैं. क्या इसके लिए हम एकतरफा तौर पर सारा ठीकरा इन पड़ोसी देशों पर ही फोड़कर अपना पल्ला झाड़ सकते हैं?

कई फसलों को आवश्यक वस्तु के दायरे से निकालने के कदम पर गांधी मोदी के साथ होते तो नेहरू के विरोध में

देश के आर्थिक भविष्य पर खुले विचार रखने वाले उस बड़े विचारक गांधी को कांग्रेस ने ‘सत्य व अहिंसा’ का पुजारी बनाकर किसी देवता की तरह फोटो फ्रेम के संकुचित दायरे में सिमटा दिया.

मोदी सरकार के पास कोविड संकट पर खर्च करने के लिए पैसा क्यों नहीं है और वह कैसे इस समस्या का निदान कर पाएगी

यह संकट का साल है इसलिए वित्तीय तार्किकता के सामान्य नियमों से अलग हट कर भी काम करने पड़ेंगे लेकिन खर्चों के वर्तमान स्तर से बेहतर नतीजे हासिल करने की कोशिश भी करनी होगी.

न्यू इंडिया के पास अपनी सभी समस्याओं का आसान सा हल है- मुसलमानों पर दोष मढ़ दो

मुस्लिम एंगल ये बात तो सुनिश्चित कर देता है कि मूक बने रहने वाले मंत्री रातोंरात सामाजिक कार्यकर्ता बन जाएं और बहुसंख्यकों को एक नया मुद्दा मिल जाए ताकि कट्टरता की खुराक में कोई कमी ना आने पाए.

मोदी भारत के सुधारवादी प्रधानमंत्रियों की लिस्ट में क्यों नहीं हैं

बड़े-बड़े इरादे रखने के बावजूद आर्थिक सुधारों के मोर्चे पर मोदी इसलिए पिछड़ते दिख रहे हैं क्योंकि उनके नौकरशाहों में सुधारों को आगे बढ़ाने का जज्बा नहीं है बल्कि वे तो इस लॉकडाउन के बहाने निरंकुश सत्ता का मज़ा लेने में मगन हैं.

ग्राफ बता रहा है कि अभी बाकी है भारत में कोरोना महामारी का सबसे बुरा दौर

स्पेन, इटली, जर्मनी, ब्रिटेन जैसे प्रमुख यूरोपीय देशों ने अपने यहां लॉकडाउन में पहले फ़ेज़ की रियायत तभी देना शुरू किया जब उनके यहां इस महामारी से जुड़े नए मामलों का ग्राफ़ अपने शीर्ष बिंदु पर पहुंच कर नीचे गिर गया था.

श्रमिक क्यों शहरों को लौट रहे हैं और ये अर्थव्यवस्था को कैसे पटरी पर लाएंगे

आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी तो लॉकडाउन में जितने लोग कोरोनावायरस से बीमार हुए थे उससे ज्यादा संख्या में लोग बीमार हो सकते हैं इसलिए सरकार को भारतीय डेटा पर आधारित नीति बनाने की जरूरत पड़ेगी

भारत के ‘फिंगर्स क्षेत्र’ चीनी बूटों के नीचे आ चुके हैं, नकारने से बात नहीं बनेगी

मौजूदा हालात को एलएसी संबंधी धारणाओं में अंतर का नतीजा बताते हुए मोदी सरकार और सेना अपनी ज़मीन गंवाने की बात को ‘नकारने’ की कोशिश कर रही है.

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तालिबान, TTP और बलूच चुनौती: रणनीतिक भूल की कीमत, पाकिस्तान दो तरफ से घिरा

पाकिस्तान का सियासी नेतृत्व कमजोर और कमअक्ल दिखता है. उसकी कूटनीति पूरी तरह भारत-चीन-अमेरिका केंद्रित है और वह अफगानिस्तान को अपना गुलाम मानता रहा है.

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हरियाणा के ‘महंत’ की हत्या मामले का षड्यंत्रकर्ता दिल्ली में पकड़ा गया

नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने हरियाणा में एक 'महंत' की हत्या के मामले में कथित षड्यंत्रकर्ता को उसके सहयोगी के साथ...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.