इस बात की संभावना है कि पाकिस्तान आईएसआई, हुर्रियत में लीडरशिप के खालीपन को संगठन पर कब्ज़ा करने और आतंकी मॉड्यूल्स को फिर से एकजुट करने के अवसर के तौर पर देखेगी.
एलएसी पर गतिरोध लंबा खिंचा तो सैटेलाइट वॉरियर्स अपने आकलनों में सही साबित होंगे और मोदी सरकार की चुप्पी को समझौता करने या मामला छिपाने के तौर पर देखा जाएगा.
भजन गाते थे, और उन पर नाचते भी थे. इनकी रचनाओं को अभंग कहा जाता है. इनके गानों में ईश्वर के प्रति अगाध श्रद्धा होती है. ईश्वर के अतिरिक्त ये हर किसी को ठुकराते हैं, जाति व्यवस्था को नहीं मानते.
सैनिक कार्रवाई करके चीन ने भारत के लिए चारा डाला है. इसका तुरंत और भावुक जवाब देना भारत की रणनीतिक मूर्खता होगी. अनिश्चित काल तक यथास्थिति बनाए रखकर, भारत चीन को अपना जवाबी चारा डाल सकता है.
इमरान खान की सरकार का सारा ध्यान गड़बड़ियों के लिए दूसरों को जिम्मेदार बताने और प्रधानमंत्री को बेदाग साबित करने पर रहा है; फर्जी पाइलटों वाले घोटाले को लेकर भी उसका यही रवैया जारी है.
आपातकाल के विपरीत, मोदी सरकार ने एक लोकतंत्र की औपचारिक प्रक्रियाओं को बरकरार रखा है, ऐसे में विपक्षी नेताओं के लिए उदासीन भाव अपनाए बैठी जनता को स्थिति की गंभीरता समझाना आसान नहीं है.
दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.
अजित पवार की बुधवार को बारामती एयरपोर्ट पर विमान हादसे में मौत हो गई. उनके पीछे राजनीति में उतार-चढ़ाव से भरा लंबा करियर रहा. वह जिला परिषद चुनावों के लिए एक सार्वजनिक रैली में शामिल होने बारामती जा रहे थे.