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Thursday, 29 January, 2026
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हुर्रियत पर मोदी सरकार के लगाम कसने से गिलानी इसे छोड़ने पर हुए मजबूर, भले ही वो इसका दोष पाकिस्तान पर लगाएं

इस बात की संभावना है कि पाकिस्तान आईएसआई, हुर्रियत में लीडरशिप के खालीपन को संगठन पर कब्ज़ा करने और आतंकी मॉड्यूल्स को फिर से एकजुट करने के अवसर के तौर पर देखेगी.

चीन पर मोदी सरकार की चुप्पी से सैटेलाइट वॉरियर्स को खुली छूट मिली, नुकसान भारत के लिए पछताने वाले साबित होंगे

एलएसी पर गतिरोध लंबा खिंचा तो सैटेलाइट वॉरियर्स अपने आकलनों में सही साबित होंगे और मोदी सरकार की चुप्पी को समझौता करने या मामला छिपाने के तौर पर देखा जाएगा.

एपीएमसी कानूनों ने किसानों के हाथ बांध रखे थे, मोदी सरकार के अध्यादेश ने उन्हें दूसरे क्षेत्रों जैसी आजादी दी

कृषि बाज़ारों के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने के वास्ते सरकार ने जो तीन अध्यादेश लागू किए हैं उनमें तीसरा अध्यादेश निर्दिष्ट कृषि मंडियों...

नामदेव: सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने और समानता का गीत गाने वाला संत

भजन गाते थे, और उन पर नाचते भी थे. इनकी रचनाओं को अभंग कहा जाता है. इनके गानों में ईश्वर के प्रति अगाध श्रद्धा होती है. ईश्वर के अतिरिक्त ये हर किसी को ठुकराते हैं, जाति व्यवस्था को नहीं मानते.

टिकटॉक ने लाखों गरीब भारतीयों के जीवन को बदल दिया, वे न्यू इंडिया के एकलव्य बन गए थे

टिकटॉक ने भारतीयों के लिए आंकक्षाओं से भरे आसमान में एक छोटी सी खिड़की का काम किया.

चीन के खिलाफ भारत के पास दो ही विकल्प बचे हैं- सीमित युद्ध या वुहान भावना पर चलना

सैनिक कार्रवाई करके चीन ने भारत के लिए चारा डाला है. इसका तुरंत और भावुक जवाब देना भारत की रणनीतिक मूर्खता होगी. अनिश्चित काल तक यथास्थिति बनाए रखकर, भारत चीन को अपना जवाबी चारा डाल सकता है.

आतंक पर पाक के खिलाफ भारत का रवैया रक्षात्मक रहा है पर चीन के साथ ऐसी रणनीति नहीं चलेगी

भारत को दीर्घावधि में चीन से युद्ध से बचने की कीमत चुकानी पड़ेगी. एलएसी पर चीन की आक्रामकता भविष्य में भी कायम रहेगी.

फर्जी पायलटों ने इमरान के पाकिस्तान का जो हाल किया है वैसा तो ट्रंप ने भी नहीं किया

इमरान खान की सरकार का सारा ध्यान गड़बड़ियों के लिए दूसरों को जिम्मेदार बताने और प्रधानमंत्री को बेदाग साबित करने पर रहा है; फर्जी पाइलटों वाले घोटाले को लेकर भी उसका यही रवैया जारी है.

इमरजेंसी के खिलाफ इंदिरा युग में कई युवा नेता बने, लेकिन मोदी के खिलाफ कोई बड़ा नाम क्यों नहीं उभरा

आपातकाल के विपरीत, मोदी सरकार ने एक लोकतंत्र की औपचारिक प्रक्रियाओं को बरकरार रखा है, ऐसे में विपक्षी नेताओं के लिए उदासीन भाव अपनाए बैठी जनता को स्थिति की गंभीरता समझाना आसान नहीं है.

कोरोना महामारी के बीच स्कूलों में शुरू हुई ऑनलाइन कक्षाएं कैसे बच्चों के जीवन को प्रभावित कर रही है

पहले लग रहा था कि कोरोना की यह त्रासदी कुछ समय के लिए है मगर अब लग रहा है कि बच्चों का एक लंबा अरसा घर की दीवारों के बीच बीतेगा.

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अजित पवार की मौत ने भारतीय राजनीति में एक और ‘क्या होता अगर’ वाली बहस छोड़ दी है

दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.

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‘अजित दादा अमर रहें’ के नारों के बीच हुआ अजित पवार का अंतिम संस्कार

अजित पवार की बुधवार को बारामती एयरपोर्ट पर विमान हादसे में मौत हो गई. उनके पीछे राजनीति में उतार-चढ़ाव से भरा लंबा करियर रहा. वह जिला परिषद चुनावों के लिए एक सार्वजनिक रैली में शामिल होने बारामती जा रहे थे.

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.