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Tuesday, 24 February, 2026
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दलितों के मुद्दों पर अगर रामविलास पासवान, मीरा कुमार और मायावती के बीच संवाद नहीं हुआ तो उसका कारण बिजनौर का चुनाव था

जीवन में बाद के वर्षों में पासवान भले ही आरएसएस-भाजपा के साथ मिलकर सामाजिक न्याय विरोधी तमाम बड़े-बड़े कार्यों में सहभागी रहे हों लेकिन उनकी मूल रूप से छवि सामाजिक न्याय के योद्धा की ही रही.

चीन ने एलएसी की घड़ी 1959 की तरफ घुमा दी है, भारत के लिए अक्साई चिन वापस लेना मुश्किल हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकप्रिय भी हैं और राजनीतिक कौशल भी रखते हैं लेकिन क्या वे देश को अरुचिकर रणनीतिक फैसले के बारे में कायल कर सकते हैं?

पाकिस्तान में ‘मोदी का जो यार है, वो गद्दार है’ के नारे की धूम

यदि ‘गद्दार’ और ‘भारतीय एजेंट’ के सर्टिफिकेट इसी उत्साह से बांटे जाते रहे, तो वो दिन दूर नहीं जब भारतीयों की आबादी करीब 22 करोड़ बढ़ जाएगी.

पाकिस्तान में इमरान खान और विपक्ष दोनों मौलाना-मौलाना खेल रहे हैं, इनके तार आतंकवाद से जुड़े हैं

मौलाना ताहिर अशरफी और मौलाना फजलुर्रहमान विवादास्पद हैं और आतंकी संगठनों से जुड़े रहने के आरोप हैं पर दोनो की पाकिस्तान की राजनीति में भूमिका अहम हो गई है.इस राजनीतिक घटनाक्रम से साफ पता चल रहा है कि सरकार और विपक्ष दोनों ही ने धार्मिक नेताओं की आड़ लेकर अपने पासे फेंक दिए हैं.

ऊना और रोहित वेमुला की तरह हाथरस के प्रदर्शनकारियों को भी नहीं छोड़ेगी बीजेपी: जिग्नेश मेवानी

कहना मुश्किल है कि हिंदुत्ववादी सरकार के रहते किसी जाति-विरोधी आंदोलन से सकारात्मक राजनीतिक बदलाव आएगा.

भारत की चीन नीति इतनी नाकाम क्यों रही है? पहले नई दिल्ली की मान्यताओं पर सवाल उठाइए

शक्ति के भारी अंतर को देखते हुए चीन अपना प्रभाव फैला रहा है. लेकिन भारत के व्यवहार को समझाना मुश्किल है.

भारतीय वायु सेना के शांतिकालीन अभियान किसी भी अन्य देश के मुकाबले अधिक व्यापक क्यों हैं

वायुसेना के पायलट जमाने वाली मौसमी दशाओं, अत्यंत निम्न तापमान और ऐसी पर्वतीय हवाओं के बीच काम करते हैं जो कि उड़ान के दौरान भी विमान को तोड़ सकती है.

हाथरस आंदोलन और 2012 के दिल्ली आंदोलन के सामने चुनौतियों में क्या फर्क है

आधी रात को शव का दाह संस्कार, पीड़ित दलित परिवार की घेराबंदी, ठाकुरों को वर्चस्व दिखाने की अनुमति- यह सब हाथरस कांड की निशानियां हैं.

हाथरस से हरियाणा तक राहुल गांधी एक बार फिर सक्रिय दिखे मगर कब तक

आज जो लोग राहुल की सक्रियता पर उनके लिए तालियां बजा रहे हैं वे कल को उनके मनमौजीपन, उनकी अघोषित विदेश यात्राओं, और सबसे ऊपर नेतृत्व संकट से निबटने में उनकी विफलता के लिए उनके खून के प्यासे भी हो सकते हैं.

लॉकर और घर में रखा सोना बेच डालिए, आपकी चांदी हो जाएगी

सोने की कीमतों का मुद्रास्फीति और बैंक ब्याज दरों से सीधा संबंध है. ऐसे समय में जब मुद्रास्फीति की दर ब्याज दरों से ऊपर चली जाती हैं तो निवेशकों का ध्यान सोने पर जाता है जो उस समय बेहतर रिटर्न देता है.

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AI समिट पर घिरी मोदी सरकार को यूथ कांग्रेस के विरोध से मिला राहत का मौका

रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.

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देश

राघव चड्ढा ने पंजाब के नूरपुर बेदी गांव में खेल परिसर के लिए एक करोड़ रुपये आवंटित किए

चंडीगढ़, 24 फरवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने पंजाब के रूपनगर जिले के नूरपुर बेदी गांव में एक इनडोर...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.