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Sunday, 11 January, 2026
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Sorry बिहारियों छठ के प्रति आपकी भावनाएं दिखावटी हैं क्योंकि यहां भी आप जातिवादी और पुरुषवादी हैं

गाय को देवी मानते हो लेकिन डोम को छूते भी नहीं, तो ऐसे में क्या समझा जाए कि छठ के प्रति आपकी जो ये भावनाएं है वो खोखली और दिखावटी हैं!

योगेंद्र यादव का ये मानना गलत है कि ओवैसी की AIMIM ‘मुस्लिम भाजपा’ बन जाएगी

योगेंद्र यादव को डर है कि अगर मुसलमान किसी मुसलमान की अगुवाई वाली पार्टी को वोट देने लगे तो फिर सेक्यूलर मोर्चे सिर्फ अलग-अलग जातियों के नुमाइंदे बनकर रह जाएंगे.

पाकिस्तान की राजनीति और इस्लाम के बारे में खादिम हुसैन रिज़वी की लोकप्रियता और अचानक हुई मौत से क्या संकेत मिलता है

पाकिस्तान की कट्टरपंथी इस्लामी सियासत का चेहरा माने जाने वाले मौलाना खादिम हुसैन रिज़वी की अचानक मौत के बावजूद मजहबी कट्टरपंथ के प्रति लोगों का व्यापक आकर्षण खत्म नहीं होने वाला है. 

यूपी कांग्रेस में भगदड़, ‘धरना गुरू’ बनकर रह गए हैं प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सक्रियता दिखाकर पार्टी में जान फूंकने की कवायद की थी, वह लाभ अब खत्म होता नजर आ रहा है.

अलागिरी से लेकर दिनाकरन तक, तमिलनाडु की चुनावी बिसात में भाजपा के लिए स्थिति साफ होती जा रही है

कैलेंडर में दिख रही चुनाव की तारीखें वास्तव में कहीं अधिक करीब हैं – राजनेता इस चेतावनी को अच्छी तरह समझते हैं. तमिलनाडु में...

ड्रोन ने अजरबैजान को जंग जिताई, भारत को सैन्य आधुनिकीकरण पर होशियारी से खर्च करना चाहिए

भारत ने हमेशा सैन्य ताकत पर ध्यान केंद्रित किया है. आर्मेनिया-अजरबैजान के संघर्ष से पता चलता है कि यह एक अच्छी रणनीतिक योजना क्यों नहीं है.

असदुद्दीन ओवैसी के उदय का हिंदुत्व की राजनीति को एक जमाने से इंतजार था

मुस्लिम एकजुट और एकमुश्त एक जगह वोट करें, ये विचार वैसा ही गर्हित है जैसा कि हिन्दुओं को एक वोटबैंक में तब्दील करने की कोशिश.

RCEP में शामिल न होकर मोदी ने सही फैसला किया था क्योंकि इससे दक्षिण पूर्व एशिया के देशों को ज्यादा फायदा नहीं होने वाला

अमेरिका विकल्प के रूप में नहीं उपलब्ध हो रहा इसलिए चीन के नेतृत्व वाली व्यापार व्यवस्था में शामिल होने का फैसला हताशा में आत्मघाती कदम उठा लेने जैसा ही होगा.

एकनाथ रानडे- RSS का ऐसा प्रचारक जिसने विवेकानंद शिला स्मारक के लिए सभी विचारधाराओं को एक कर दिया

विवेकानंद शिला स्मारक के निर्माता और विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के संस्थापक एकनाथ रानडे जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे, उन्होंने स्वामी विवेकानंद के स्मारक के लिए सब विचारधाराओं को भारतीयता के रंग में रंग दिया.

भारतीय उदारवादियों के पास RSS के अपने ब्रांड हिंदुत्व संवैधानिकता से मुकाबले की कोई रणनीति नहीं

हिंदुत्व के उदारवादी विरोधियों को अभी तक हिंदुत्व संवैधानिकता के राजनीतिक प्रभाव का एहसास नहीं हुआ है. वे अब तक भारतीय संविधान को एक स्व-व्याख्यात्मक राजनीतिक पाठ मानते हैं.

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कर्नाटक के लक्कुंडी गांव में मिला सोना ‘खजाना नहीं’ है: एएसआई अधिकारी

गडग (कर्नाटक), 11 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के गडग में अपनी वास्तुकला विरासत के लिए मशहूर गांव लक्कुंडी में एक घर के विस्तार के लिए...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.