भारत पर जीत हासिल करने या श्रीनगर में पाकिस्तानी झंडा फहराने के सपने देखने के दिन अब बीत चुके हैं. अब, बस किसी रेड लाइट पर हॉर्न बजाएं और कश्मीर को आजाद करा लें.
ऐसी कोई भारतीय हॉकी टीम बनाना मुश्किल है जो हमारी विविधता, अनेकता में एकता को न प्रतिबिंबित करे और दूसरी टीमों से बेहतर हो. यह साबित करता है कि कोई खेल हो या कोई राष्ट्र, वह तभी तरक्की कर सकता है जब वह सबको साथ लेकर चले.
मुद्रास्फीति में नरमी और आर्थिक वृद्धि में तेजी के कुछ शुरुआती संकेत हैं. लेकिन लगता है कि रिजर्व बैंक अभी इन पर नज़र रखने के बाद ही दरों पर कोई फैसला करेगा.
2007 में ही केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान (प्रवेश में आरक्षण) अधिनियम के प्रभाव में आने के बावजूद तत्कालीन यूपीए सरकार ने राज्यों के मेडिकल कालेजों में इसके तहत पिछड़ा वर्ग को आरक्षण के प्रावधानों को लागू नहीं किया.
भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीम की सफलता 'गरबीली गरीबी' से पैदा हुए हॉकी के पुराने राष्ट्रवाद की याद दिलाती है. पदक का रंग जो भी हो, मुझे फर्क नहीं पड़ता- देश को नए नायक और नायिका मिले हैं .
प्रधानमंत्री को खुद को इस सवाल के सामना करना होगा कि अगर उनकी पार्टी के मुख्यमंत्री और निर्वाचित सरकारें तक ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के उनके विचार के विरुद्ध जाने से बाज नहीं आतीं, तो वे आईपीएस अधिकारियों से यह उम्मीद कैसे कर सकते हैं.
असम को एक ऐसा नेतृत्व मिला है, जो इस बात में विश्वास रखता है कि अस्थिरता पैदा करना, सामाजिक सदभाव को भंग करना, बहुसंख्यकवादी मुद्दे उठाना और उत्तरपूर्व के दूसरे राज्यों के लिए ‘बिग ब्रदर’ की धौंस दिखाना ही ‘मजबूत’ सरकार की निशानी है.
धारा 66ए निरस्त किये जाने के बावजूद इसके तहत मामले दर्ज होने की जानकारी मिलने पर देश की शीर्ष अदालत भी हतप्रभ है. न्यायालय भी जानना चाहता है कि आखिर ऐसा कैसे हो रहा है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?