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Wednesday, 25 March, 2026
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अब जब बाल विवाह घट रहे हैं तो इसपर राजस्थान में बेमतलब का बदलाव

बाल विवाह रोकथाम अधिनियम, 2006, जब से बना है तब से बाल विवाहों में बहुत गिरावट हुई है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वेक्षण के 2015-16 के सर्वे के अनुसार राजस्थान में बाल विवाह का प्रतिशत 35 फीसद तक घट गया था और देश का 27 फीसदी तक हो गया था.

चार कारण, जो बताते हैं कि बसपा को भाजपा की ‘B Team’ कहना जातिवादी सोच कैसे है

बसपा मजबूत जनाधार वाली बड़ी ताकत है. 2017 में सबसे खराब प्रदर्शन करने के बावजूद 22.2 फीसदी वोट के साथ वह दूसरे नंबर की पार्टी थी जबकि सपा 21.8 फीसदी वोट लेकर उसके नीचे थी.

कोविड वैक्सीन की 100 करोड़ डोज बताती है कि सरकार और जनता जब साथ आती है तो क्या हासिल होता है- नरेंद्र मोदी

चिंता से आश्वासन तक की यात्र पूरी हो चुकी है और दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के फलस्वरूप हमारा देश और भी मजबूत होकर उभरा है.

क्यों LAC पर चीन की सैन्य तैनाती से सीमा विवाद का कोई स्थायी समाधान निकलने के आसार लग रहे

दरअसल, बढ़ी तैनाती के परिणामस्वरूप एलएसी वास्तव में ऐसी सीमा बन जाएगी जिसमें किसी सीमित युद्ध के बिना किसी बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी.

‘रूम फार दि रिवर’ और ‘टाइ दि सी’ योजनाओं के बीच मिट रही है ‘गॉड्स ओन कंट्री’ केरल

भगवान की धरती केरल में जलजला आया हुआ है, बारिश और बाढ़ में कई लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग लापता हैं.

सावरकर और गांधी की वैचारिक दूरी: एक मिथक

धर्म, राष्ट्र, भाषा और जाति के प्रश्न पर गांधी और सावरकर उतने दूर नहीं है, जितना बताया जाता है. इन विषयों पर विरोध की धारा का नेतृत्व डॉ. आंबेडकर करते हैं.

गांधी ने जिस नोआखली को सांप्रदायिक हिंसा से बचाया, वो आज फिर क्यों जल रहा है

मंदिरों और हिंदू घरों को जिस तरह तोड़ा व जलाया जाता रहा है, इससे फिलहाल तो यही लग रहा है कि बांग्लादेश सरकार हिंसा की ऐसी क्रूर घटनाओं को थामने में कमजोर साबित हो रही है.

सर सैय्यद की महानता का मिथक: साम्प्रदायिक आधार पर अलग प्रतिनिधित्व की आवाज उठाकर द्विराष्ट्र सिद्धांत की नींव रखी

यह सर्व विदित है कि सर सैयद ने सर्व प्रथम साम्प्रदायिक आधार पर अलग प्रतिनिधित्व की आवाज उठाकर द्विराष्ट्र सिद्धांत की नीव रखी जिस पर मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल ने पाकिस्तान की इमारत का निर्माण किया.

राहुल गांधी के हाथों में पार्टी की कमान क्यों कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए माकूल साबित हो सकती है

फिलहाल तो भरोसे से यही कहा जा सकता है कि कार्यसमिति की पिछली बैठक के बाद ‘जी-21’ (जितिन प्रसाद और वीरप्पा मोइली की रवानगी के बाद) मुकाबला हार गया है लेकिन जंग जारी रहेगी.

मोदी सरकार बहाने न बनाए, वैश्विक भूख सूचकांकों में फिसलन की चेतावनी सुने और जागे

दूसरी ओर गैरबराबरी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके चलते किसी गरीब देशवासी के विकल्प इतने सीमित हो गये हैं कि उसकी समस्या है कि वह खाये तो क्या खाये और किसी अमीर के पास इस सीमा तक सब कुछ भरा पड़ा है कि वह समझ नहीं पाता कि क्या-क्या खाये.

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हिमाचल प्रदेश में बारिश का अनुमान

शिमला, 24 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश में बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने का अनुमान है क्योंकि 26 मार्च से लगातार दो...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.