मोदी को मालूम है कि यूक्रेन में फंसे छात्रों के वीडियो उनके और उनकी सरकार के बारे में लोगों की धारणा को किस कदर बदल सकती है इसलिए उन्होंने छात्रों को वहां से निकालने के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के प्रयासों को विस्तार देने की पहल की.
सोने की यह प्रवृति रही है कि यह युद्ध काल में हमेशा चमक उठता है चाहे वह गल्फ वॉर हो या अफगानिस्तान में अमेरिकी फौजी कार्रवाई. ऐसे नाजुक वक्त पर यह जरूर चमकता है. अब फिर यह खूब चमकने लगा है.
याचिकाकर्ता चाहता है कि केंद्र और राज्य सरकारों को मौलिक कर्तव्यों के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 51ए का पालन करने के लिए उचित कानून बनाने का निर्देश दिया जाए.
उद्योगों के लिए कच्चे माल की कीमतें चढ़ेंगी, महामारी से उबरने में और समय लगेगा लेकिन सवाल यह है कि पश्चिमी देश रूस के ऊर्जा सेक्टर पर प्रतिबंधों से कतराते रहेंगे तो तेल की कीमतें कब तक चढ़ी रहेंगी.
भारत की तरह चीन का रक्षा उद्योग सरकारी नियंत्रण में है, और रक्षा उत्पादन पर भी सरकार का एकाधिकार
है. अब राष्ट्रपति शी के नये नियम इसे और मजबूत बनाएंगे.
यूक्रेन ने 1994 के बुडापेस्ट समझौते के बाद अपने परमाणु हथियारों का भंडार छोड़ न दिया होता तो क्या आज जेलेंस्की के यूक्रेन को रूस के पुतिन इतनी आसानी से दबा पाते?