मोदी सरकार को यह समझना होगा कि तीस्ता सौदे का पश्चिम बंगाल के किसानों पर क्या असर पड़ेगा. साथ ही इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि कहीं बांग्लादेश में किसी शत्रुवत सरकार और सिविल सोसाइटी की वजह से कोई खामियाजा न उठाना पड़ जाए.
रिजर्व बैंक अपनी ब्याज दरें बढ़ाये जा रहा है. सरकारी कर्ज बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में ज्यादातर एक्सपर्ट आने वाले समय में ग्रोथ की दर को बहुत ज्यादा आगे बढ़ता नहीं देख रहे हैं. फिर भी सारी दुनिया की तुलना में यह सबसे तेज गति से भागती हुई इकोनॉमी होगी.
शेख हसीना को पता है कि चीन बेशक कहीं ज्यादा अमीर देश है और इसलिए बांग्लादेश उसके ‘बेल्ट ऐंड रोड इनीशिएटिव’ में शामिल है, लेकिन भारत उसका कहीं अधिक करीबी पड़ोसी है.
पिछले दो साल से भारतीय अधिकारियों का जोर है कि बहुध्रुवीय दुनिया के लिए बहुध्रुवीय एशिया का होना जरूरी है, मगर बहुध्रुवीय लक्ष्य के पीछे भागना बेमतलब है
एक चीज़ जो ट्रांस की खूबसूरती को ज़िंदा रखती है, वह है उनका समुदाय और अपनापन. लेकिन कानून बनाने वालों की नजर में, यह अपनापन ‘धोखा’, ‘लुभाना’ और ‘गलत असर डालना’ बन जाता है.
तिरुवन्नमलई, 30 मार्च (भाषा) तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार को ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक)- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)...