scorecardresearch
Tuesday, 28 April, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

धर्म की राजनीति की ओर से अब आंखें नहीं मूंद सकती भारतीय सेना

भारत के सैन्य नेतृत्व को सैन्य संस्थान के राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा करने, उन्हें मजबूत बनाने और घरेलू राजनीति की खतरनाक प्रवृत्तियों से बचाने के लिए खुद संवेदनशील बनना चाहिए और सैनिकों को भी संवेदनशील बनाना चाहिए.

कैसे आरएसएस प्रचारक बीएल संतोष बीजेपी के ‘रॉक स्टार’ महासचिव के रूप में उभरे

भाजपा के महासचिव (संगठन) के रूप में, बीएल संतोष के पास अपार शक्तियां हैं. लेकिन उनके पूर्ववर्तियों में से कोई भी उनके जैसा हाई-प्रोफाइल नहीं था, यहां तक कि नरेंद्र मोदी भी नहीं.

थरूर या खड़गे मायने नहीं रखते, कांग्रेस नेता की परिभाषा बदलनी चाहिए

क्या कांग्रेस के नेता सरपरस्ती की खोज का त्याग कर सकते हैं? इसी सवाल का जवाब यकीनन देश की सबसे पुरानी पार्टी का भविष्य तय करेगा.

चीन के शहीद दिवस पर उसकी सेना लद्दाख, सिक्किम के पार से भारत को दे रही है सिग्नल

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस से पहले राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पार्टी को 'बड़े संघर्ष' के लिए तैयार रहने को कहा.

मोहन भागवत सही हैं, हिंदुओं को ‘काफिर’ से ज्यादा किसी शब्द ने चोट नहीं पहुंचाई

दक्षिण अफ्रीका में ‘काफिर’ शब्द, जिसे पहले बड़े अपमानजनक रूप से अश्वेतों के लिए प्रयुक्त किया जाता था, को अब गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है. अब समय आ गया है कि भारत में भी ‘काफिर' शब्द पर बंदिश लगाई जाए.

स्वामी पागलदास और बेगम अख्तर की अयोध्या में लता मंगेशकर चौक के मायने क्या हैं

समस्या दरअसल, सत्ताधीशों के उस ‘विवेक’ से है, जो यह समझना ही नहीं चाहते कि फिलहाल एक चौराहे के बहाने लता को स्वरकोकिला से ज्यादा रामभक्त बनाकर एक बड़े समुदाय के सामने पेश किया.

किसने लिखी थी महात्मा गांधी की सर्वश्रेष्ठ जीवनी, जिसे पढ़कर दुनिया ने उन्हें जाना

अमेरिका के यहूदी लेखक लुई फिशर ने यदि बापू की जीवनी न लिखी होती तो संभव है कि दुनिया की बापू के बारे में अधिक से अधिक जानने की प्रबल इच्छा ही नहीं होती.

महात्मा गांधी ने भारत को क्या दिया? आजादी की लड़ाई का सबसे बड़ा हथियार और संघर्ष का सबसे महान तरीका

गांधी ने देश को शांतिपूर्ण आंदोलन की ऐसी विरासत दी है जिसके नैतिक बल के आगे बंदूकें तक कमजोर साबित हो जाती हैं. महात्मा गांधी मजबूरी का नहीं बल्कि मजबूती का नाम थे.

दुनिया की बड़ी आर्थिक ताकतें अस्थिरता बढ़ा रही हैं, भारत संतुलन बनाए रखने के लिए क्या करे

दुनिया के वित्तीय, रणनीतिक, आर्थिक केंद्र बने अमेरिका, चीन, यूरोप आज चुनौतियों से रू-ब-रू हैं, ऐसे में उन सुर्खियों से आगे देखने की जरूरत है, जो संरचनात्मक दरारों और अराजकता पर ज़ोर दे रही हैं.

हिजाब समर्थक SC में लड़ाई जीत भी जाएं तो भी हारेंगे, क्योंकि असली संघर्ष राजनीति के मैदान में है

बेहद ध्रुवीकृत समय में, हाशिये पर धकेले गए अल्पसंख्यक पीछे मुड़कर अपनी उन जड़ों और बुनियादों को बचाने में जुट जाते जो उन्हें बहुत प्रिय होते हैं लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह एक खतरनाक जाल बुन सकता है.

मत-विमत

ईरान युद्ध ने भारत के लिए अगले युद्ध का खाका पेश कर दिया है

पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.

वीडियो

राजनीति

देश

बुलंदशहर तिहरा हत्याकांड: एक आरोपी मुठभेड़ में गोली लगने से घायल,परिवार ने मांगा ‘बुलडोजर न्याय’

बुलंदशहर (उप्र), 27 अप्रैल (भाषा) बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर थाना क्षेत्र में जन्मदिन के केक की क्रीम चेहरे पर लगाने को लेकर उपजे...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.