जोशीमठ की धंसती जमीन ने पर्यावरण को लेकर व्यापक चिंताओं को जन्म दिया है, सरकार को इस मोर्चे पर उभर रहीं चेतावनियों पर ध्यान देने और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने की जरूरत है.
RSS चाहे चिर विद्रोही की भूमिका में रहा हो या सत्ता में, वह ‘अब्राहमवादी’ या साफ कहें तो मुस्लिम दुविधा से अभी तक उबर नहीं पाया है. क्या इस मामले में वह प्रगति कर सकता है? हम सरसंघचालक के अगले उद्बोधन या इंटरव्यू का इंतज़ार करेंगे.
ऐसा लगता है कि सरकार-सेना में तालमेल नही है. एक औपचारिक एनएसएस के माध्यम से अपने विरोधियों को मंशा बताना तो दूर की बात है, बलों को कोई औपचारिक निर्देश नहीं दिया गया लगता है.
सेवा क्षेत्र में तेजी से सुधार दिख रहा है, लेकिन कमजोर बाहरी मांग के कारण विनिर्माण में गिरावट का अनुमान है. कमोडिटी की कीमतों में नरमी से सेक्टर को कुछ सपोर्ट मिल सकता है.
2003 में अटल बिहारी वाजपेयी के इंडियन डायस्पोरा के साथ प्रवासी भारतीय दिवस मनाने से लेकर मोदी द्वारा भारतीय मूल के लोगों को साधने तक, BJP ने प्रतिभा की सोने की खान को तैयार किया है.
बांग्लादेश के नए विदेश मंत्री खलील-उर-रहमान के अप्रैल में भारत आने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री तारिक रहमान के पद संभालने के बाद ये दोनों देशों के बीच पहला बड़ा हाई-लेवल संपर्क होगा.