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Sunday, 8 February, 2026
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सेना की कार्रवाई के लिए इंदिरा गांधी पर मोदी का हमला राष्ट्रीय सुरक्षा से ज्यादा राजनीति से प्रेरित था

मोदी लाल बहादुर शास्त्री और नरसिम्हा राव को छोड़कर सभी कांग्रेस प्रधानमंत्रियों के आलोचक रहे हैं, उनकी आलोचना इंदिरा गांधी का जिक्र काफी हद तक आपातकाल के दौरान की गई ज्यादतियों और अनुच्छेद 356 के लगातार दुरुपयोग अब तक सीमित थी.

सब्यसाची दास के लेख से साफ है दाल में कुछ काला है, लेकिन दोषी की शिनाख्त करना रिसर्चर का काम नहीं

अशोका यूनिवर्सिटी से इस्तीफा देने को मजबूर हुए अर्थशास्त्री सब्यसाची दास का 2019 लोकसभा चुनाव पर लिखा अप्रकाशित लेख ‘डेमोक्रेटिक बैकस्लाइडिंग इन द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट डेमोक्रेसी’ तकनीकी दृष्टि से भारतीय चुनावों पर लिखे सर्वश्रेष्ठ लेखों में गिना जाएगा.

मैं चौथे दिन ही विपस्सना शिविर छोड़कर क्यों चला आया- दिलीप मंडल

चौथे दिन, हमने अपना ध्यान अपने पूरे शरीर पर, एक-एक हिस्से पर, ऊपर से नीचे तक ले जाना शुरू कर दिया. पांचवें दिन, मैं शिविर से बाहर निकला.

भारत के तीन पूर्व सेवा प्रमुखों ने ताइवान में बंद कमरे में बैठक की, यह है इनसाइड स्टोरी

राकेश कुमार सिंह भदौरिया (आईएएफ), करमबीर सिंह (नौसेना), और मनोज मुकुंद नरवणे (सेना) को ताइवान के विदेश मंत्रालय द्वारा केटागलन फोरम में आमंत्रित किया गया था.

राहुल गांधी को दोबारा लॉन्च करना पूरी तरह असफल रहा, मोदी, शाह की जोड़ी ने आसानी से विपक्ष को तोड़ दिया

अविश्वास प्रस्ताव ने बीजेपी को विपक्ष पर हमला करने और 2024 के लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंकने का एक नया मौका दे दिया है.

सत्ता पाने के बाद क्या विपक्ष CAA, गोरक्षा क़ानूनों और अनुच्छेद 370 को रद्द करने जैसे फैसलों को पलट देगा

विपक्ष अगर राजनीतिक तथा आर्थिक मसलों के प्रति अलग रुख अपनाने के वादे करता है तो उसे साफ करना होगा कि वह क्या करेगा और किस तरह करेगा

बुलडोज़र न्याय मुसलमानों को पीछे धकेल रहा है. महिलाएं और बच्चे सबसे ज़्यादा प्रभावित

नूंह के लोग पहले से ही सांप्रदायिक हिंसा से सदमे में थे, जिसमें उन्हें उनकी मुस्लिम पहचान के लिए निशाना बनाया गया था. बुलडोजर ने उनकी हालत को बद से बदतर कर दिया.

मोदी के भाषण ने भारत के सबसे खतरनाक, 1960 वाले दशक की चुनौतियों की याद दिला दी

सबसे बुरे या सबसे खतरनाक 10 वर्षों की प्रतिस्पर्धा हमेशा 1960 और 1980 के दशक के बीच रही है. मिजोरम हवाई हमले पहली और ऑपरेशन ब्लू स्टार दूसरी घटना थी.

मानसून सत्र से पता चलता है कि संसद में बहस अभी ख़त्म नहीं हुई है

लोकसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है और मतदाताओं को लोकतंत्र के मंदिर में व्यक्त विचारों से ही लाभ होगा.

नूंह हिंसा में हिंदुओं और मुसलमानों के लिए 3 सबक हैं, अराजकता के बीच भी आशा है

मोनू मानेसर 31 जुलाई की यात्रा में भी शामिल नहीं था, लेकिन, किसी भी मामले में क्या धार्मिक मार्च पर पत्थर फेंकना उचित है?

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‘हाल मुकाम’ में बेदखली: इंडिया आर्ट फेयर में मलबे से निकली लाल ईंटें और उनसे बनी एक बेचैन दुनिया

इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.

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साइबर धोखाधड़ी की राशि के लेन-देन पर रोक लगाने के मामले में उत्तर प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर

(किशोर द्विवेदी) लखनऊ, आठ फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के लखनऊ में इस साल जनवरी में 70 वर्षीय एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी पर उस वक्त...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.