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Thursday, 5 March, 2026
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‘बड़ी योजना, छोटी मानसिकता’, एक टॉप चीनी थिंक-टैंक मोदी के G20 को कैसे देखते हैं

अगर किसी को भारत के साथ प्रतिस्पर्धा पर शी के भू-राजनीतिक एकालाप के बारे में कोई संदेह है, जो जी20 को छोड़ने का कारण है, तो एक आधिकारिक टिप्पणी उस अटकल को समाप्त करती है.

PM Modi का भारत का आइडिया लुटियंस दिल्ली को बदलने के अलावा ‘यूरोपीय ज्ञान’ को चुनौती देने वाला है

मसला नाम, निजाम, और पहचान की राजनीति बदलने से आगे का है, वह इस धारणा के लिए एक चुनौती है कि ‘यूरोपीय ज्ञानोदय’ ने सार्वभौमिक वैधता वाले स्वाधीनता, समता, और ‘व्यक्ति के व्यापक अधिकारों’ विचार को जन्म दिया.

G20 का यही सच है— भारत ने पिछले कोल्ड वॉर में दोनों पक्षों से लाभ प्राप्त किया, पर अब कोई विकल्प नहीं है

मोदी-बाइडेन का संयुक्त बयान लंबा है लेकिन क्वाड चौथे पैराग्राफ में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहा है. एक नए शीत युद्ध को तब तक टाला नहीं जा सकता जब तक कि एक या दूसरा पक्ष पूरी तरह से बरबाद न हो जाए.

यूक्रेन मुद्दे पर मनमोहन-राहुल का समर्थन दिखाता है कि भारत की विरोध की राजनीति में अब भी कुछ बाकी है

1983 में NAM शिखर सम्मेलन से लेकर बाइडेन, मैक्रॉन और सुनक के साथ इस G20 द्विपक्षीय बैठक तक के 40 साल भारत के नकली गुटनिरपेक्षता से लेकर आपसी लेन-देन वाली स्वायत्त नीति तक के सफर को दिखाता है.

G20 के बाद ग्लोबल साउथ का नेता नहीं बनने वाला भारत, न ही नए शीत युद्ध को रोक सकता

नई दिल्ली द्वारा जी20 की अध्यक्षता को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना दर्शाता है कि इसकी सीमाओं को नहीं समझा जा रहा है. यदि भारत के नेता उन सभी बयानबाजी पर विश्वास करते हैं जो वे कर रहे हैं, तो यह खतरनाक हो सकता है.

वैश्विक नेताओं के बीच शिखर सम्मेलन ‘नशे की लत’ जैसा, G20 जैसी बैठकों से आखिर दुनिया कितनी बदली

बिना किसी संदेह के, ढोल-नगाड़ों, बिगुलों और फैंसी-ड्रेस डिनर के बिना दुनिया नीरस सी लगेगी. हालांकि, इस बीच कुछ काम पूरा होने की संभावना भी लगाई जा सकती है.

भारत का संविधान ‘सनातन धर्म सिद्धांत’ का पालन करता है, और यह ‘यूनिवर्सल कोड ऑफ कंडक्ट’ है

गांधीजी स्वयं को कट्टर सनातनी हिंदू कहते थे. महात्मा बुद्ध ने कभी-कभी अपने द्वारा सिखाए गए धर्म को आर्य धर्म, सद्धर्म और सनातन धर्म के रूप में भी संदर्भित किया था.

दून साहित्य के छात्रों के लिए 6 किताबें- उन्हें क्यों चुना, 1900-1947 के भारत के बारे में वे क्या कहती हैं

इस वर्ष से, दून विश्वविद्यालय के अंग्रेजी साहित्य के छात्र रुडयार्ड किपलिंग द्वारा लिखित किम, रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित गीतांजलि, ईएम फोर्स्टर द्वारा लिखित ए पैसेज टू इंडिया, रूथ प्रावर झाबवाला द्वारा लिखित हीट एंड डस्ट, मुल्क राज आनंद द्वारा लिखित अनटचेबल और खुशवंत सिंह द्वारा लिखित ट्रेन टू पाकिस्तान पढ़ेंगे.

मोदी सरकार ने नई पीढ़ी के आंबेडकरवादियों को गले लगाने का असवर गंवा दिया, राहुल गांधी के पास मौका है

कैलिफोर्निया के जाति-विरोधी भेदभाव कानून का पालन यूके, कनाडा में भी इसी तरह के कानून द्वारा किया जाएगा और ऐसे देश इसे साकार करने के लिए युवा आंबेडकरवादियों के साथ सहयोग कर रहे हैं.

मणिपुर पुलिस को कमांड की जरूरत है, कॉम्बैट लीडरशिप की नहीं

कर्नल नेक्टर संजेनबम (सेवानिवृत्त), केसी, एससी को ऐसी किसी भी भूमिका में नहीं डाला जाना चाहिए जिसका अभी के पुलिसिंग मैनुअल में कोई जगह नहीं है.

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फारूक ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों की कड़ी निंदा की

(फाइल फोटो के साथ)कटरा/जम्मू, पांच मार्च (भाषा) जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों की बृहस्पतिवार को...

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