मोदी लाल बहादुर शास्त्री और नरसिम्हा राव को छोड़कर सभी कांग्रेस प्रधानमंत्रियों के आलोचक रहे हैं, उनकी आलोचना इंदिरा गांधी का जिक्र काफी हद तक आपातकाल के दौरान की गई ज्यादतियों और अनुच्छेद 356 के लगातार दुरुपयोग अब तक सीमित थी.
अशोका यूनिवर्सिटी से इस्तीफा देने को मजबूर हुए अर्थशास्त्री सब्यसाची दास का 2019 लोकसभा चुनाव पर लिखा अप्रकाशित लेख ‘डेमोक्रेटिक बैकस्लाइडिंग इन द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट डेमोक्रेसी’ तकनीकी दृष्टि से भारतीय चुनावों पर लिखे सर्वश्रेष्ठ लेखों में गिना जाएगा.
राकेश कुमार सिंह भदौरिया (आईएएफ), करमबीर सिंह (नौसेना), और मनोज मुकुंद नरवणे (सेना) को ताइवान के विदेश मंत्रालय द्वारा केटागलन फोरम में आमंत्रित किया गया था.
नूंह के लोग पहले से ही सांप्रदायिक हिंसा से सदमे में थे, जिसमें उन्हें उनकी मुस्लिम पहचान के लिए निशाना बनाया गया था. बुलडोजर ने उनकी हालत को बद से बदतर कर दिया.
इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.