उत्तर प्रदेश में जब योगी आदित्यनाथ 2017 में सत्ता में आए थे तब शराब से राज्य को हर साल मिलने वाला एक्साइज रेवेन्यू 14,000 करोड़ रुपए था जो अब यानी 2022-23 में लगभग तीन गुना बढ़कर 42,250 करोड़ रुपए हो गया है.
पिछले कुछ दशकों से क्लब स्पोर्ट और पेशेवर नजरिए ने सख्त राष्ट्रवादी भावनाओं को नरम किया है, फुटबॉल से शुरू हुआ यह चलन क्रिकेट में भी आ पहुंचा है, जिसका सबूत इस वर्ल्ड कप में दिख रहा है.
शहरी उपभोक्ता वर्तमान आर्थिक स्थितियों के बारे में, जबकि ग्रामीण भारत के लोग 1 साल आगे की आय, आर्थिक और व्यावसायिक माहौल की उम्मीदों के बारे में अधिक आशावादी हैं.
खुर्शीद इमाम, एक कट्टर मुस्लिम, भारत में हिब्रू के एकमात्र प्रोफेसर बनने के लिए भाषाई और सांस्कृतिक बाधाओं को तोड़ चुके हैं, और तौफीक ज़कारिया देश के सबसे प्रमुख हिब्रू सुलेखक (वह व्यक्ति जिसकी लिखावट सुन्दर हो) हैं.
अगर हमास ने किसी सैन्य शिविर पर हमला किया होता तो हम इसे आतंकवाद नहीं कहते. आप देख सकते हैं कि जो लोग हमास के कामों पर पर्दा डालना चाहते हैं वे पानी को गंदा करने के लिए क्यों उत्सुक हैं.
हिंदी पट्टी में अगर कांग्रेस हार जाती है तो यह जातीय जनगणना के लिए विनाशकारी साबित होगा. हारने के बाद पार्टी को अपनी मांग जारी रखने के लिए फिर कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा.
भले ही मैंने उनके साथ उत्तराखंड सरकार में 5 साल से अधिक समय तक काम किया, लेकिन 1973 आईएएस बैच के एसके दास ने कभी भी ज़िक्र नहीं किया कि उन्होंने क्या-क्या किया है.
नक्सलवाद के खिलाफ जंग के कई योद्धाओं का कोई जिक्र नहीं किया जाता लेकिन गृह मंत्रालय के ‘समाधान’ कार्यक्रम को इन्हीं योद्धाओं के प्रयासों के कारण कामयाबी मिली.
इडुक्की (केरल), एक मई (भाषा) केरल-तमिलनाडु सीमा पर स्थित पेरियार बाघ अभयारण्य के भीतर ऐतिहासिक मंगला देवी मंदिर में शुक्रवार को वार्षिक चित्रा पूर्णिमा...