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Wednesday, 1 April, 2026
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सर्दियों में पुरुषों की त्वचा की देखभाल का मतलब सिर्फ मॉइस्चराइजेशन नहीं है, कुछ और भी करना होगा

केवल दवाओं की दुकानों के प्रोडक्ट्स चुनने से कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा. त्वचा की देखभाल उससे भी कहीं गहरी बात है.

प्रदूषण से निजात पाने में हाइब्रिड वाहन होंगे कारगर, ऑड-ईवन और EV से नहीं सुधरेंगे हालात

यदि कुल ईंधन खपत को कम करके हवा को साफ करना लक्ष्य है, तो सरकार को हाइब्रिड वाहनों पर ध्यान देना चाहिए. यह अब 'कल की तकनीक' नहीं रही.

मुंबई में इन्फ्रा बूम के कारण गतिशीलता बढ़ेगी मगर उसका दम भी घुट सकता है

देश की वित्तीय राजधानी में इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण का काम देर से शुरू हुआ और इसके साथ रियल एस्टेट के निर्माण में भी जबरदस्त तेजी आई, लेकिन वायु प्रदूषण में भी वह देश की राजधानी को टक्कर देने लगी है.

नदी जल-विवाद पर भगवंत मान की सरकारी नौटंकी राष्ट्रवाद के गहरे संकट की बानगी है

सतलुज-यमुना लिंक नहर परियोजना के मसले पर सरकारों, राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों की नाकामी हमारे राष्ट्रवाद के एक गहरे संकट का लक्षण है.

भारत-बांग्लादेश ने शुरू किए 3 बड़े प्रोजेक्ट, हसीना के लिए मोदी की तारीफ उन्हें सत्ता में बनाए रख सकती है

ये परियोजनाएं और पीएम मोदी का समर्थन ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में विपक्षी दल हसीना के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

शराबबंदी के मामले में गांधीवादी विचार पर चलना नुकसानदेह, योगी आदित्यनाथ राज्य के हित में सही कर रहे हैं

उत्तर प्रदेश में जब योगी आदित्यनाथ 2017 में सत्ता में आए थे तब शराब से राज्य को हर साल मिलने वाला एक्साइज रेवेन्यू 14,000 करोड़ रुपए था जो अब यानी 2022-23 में लगभग तीन गुना बढ़कर 42,250 करोड़ रुपए हो गया है.

क्रिकेट, क्लब और देश— खेल के मैदान पर राष्ट्रवाद की होड़ क्यों नरम पड़ रही है

पिछले कुछ दशकों से क्लब स्पोर्ट और पेशेवर नजरिए ने सख्त राष्ट्रवादी भावनाओं को नरम किया है, फुटबॉल से शुरू हुआ यह चलन क्रिकेट में भी आ पहुंचा है, जिसका सबूत इस वर्ल्ड कप में दिख रहा है.

ग्रोथ मोमेंटम के कारण कंज़्यूमर कॉन्फिडेंस 4 साल के उच्चतम स्तर पर, लेकिन रूरल सेक्टर पर खास ध्यान की जरूरत

शहरी उपभोक्ता वर्तमान आर्थिक स्थितियों के बारे में, जबकि ग्रामीण भारत के लोग 1 साल आगे की आय, आर्थिक और व्यावसायिक माहौल की उम्मीदों के बारे में अधिक आशावादी हैं.

यहूदियों और मुसलमानों के बीच हमारे देश में शांति है और यह केवल हिंदू-बहुल भारत में ही संभव है

खुर्शीद इमाम, एक कट्टर मुस्लिम, भारत में हिब्रू के एकमात्र प्रोफेसर बनने के लिए भाषाई और सांस्कृतिक बाधाओं को तोड़ चुके हैं, और तौफीक ज़कारिया देश के सबसे प्रमुख हिब्रू सुलेखक (वह व्यक्ति जिसकी लिखावट सुन्दर हो) हैं.

विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी को BJP के चेहरे के रूप में पेश करना जोखिम भरा कदम क्यों है?

एकबार फिर आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी कर्नाटक की अपनी गलतियां दोहरा रही है. लेकिन एक वजह है कि पार्टी को लगता है कि इसबार नतीजे अलग होंगे.

मत-विमत

ढाका नई दिल्ली के साथ अपने संबंधों को नया मोड़ दे रहा है, मोदी सरकार को खुलकर आगे बढ़ना चाहिए

बांग्लादेश के नए विदेश मंत्री खलील-उर-रहमान के अप्रैल में भारत आने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री तारिक रहमान के पद संभालने के बाद ये दोनों देशों के बीच पहला बड़ा हाई-लेवल संपर्क होगा.

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वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे ने रिकॉर्ड 167 करोड़ टन माल की ढुलाई की

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) रेल मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 167 करोड़ टन माल...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.