इस शोधपत्र को यूएन यूनिवर्सिटी के वर्ल्ड इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स एंड रिसर्च द्वारा प्रकाशित और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय सैन डिएगो तथा इलिनोइस विश्वविद्यालय, शिकागो के दो लेखकों के द्वारा लिखा गया है.
नगांव की पुलिस अधीक्षक लीना डोले ने बताया कि कार्यकर्ता ब्रिंची बोरा को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल की दो शिकायतों के आधार पर शनिवार को जमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.