भारतीय महिलाओं में इंश्योरेंस से जुड़ी जानकारी और जागरूकता की कमी है जिसके कारण लगभग 85 % भारतीय परिवारों में पुरुष ही निर्णय लेते हैं कि परिवार के लिए कब और किस प्रकार का इंश्योरेंस लेना है.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है