सरकार से पूछा गया था कि क्या उसने दूसरी लहर के दौरान देश के अनेक अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों की मृत्यु के संबंध में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आंकड़े या रिपोर्ट मांगी है.
देश में वैश्विक महामारी की स्थिति पर लोकसभा में चर्चा के दौरान सांसदों द्वारा कोविड-19 रोधी टीकों की ‘बूस्टर’ खुराक दिए जाने की मांग के बाद यह सिफारिश की गई है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से केरल में 320 लोगों समेत 391 और मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,70,115 हो गई है.
साउथ अफ्रीकन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष कोएत्जी ने कहा यदि आप लक्षणों के बारे में क्लीनिकली अवेयर नहीं हैं तो आप आसानी से इसके लक्षणों से चूक जाएंगे और तब यह वायरस पूरी कम्यूनिटी में तेजी से फैल जाएगा.
ओमीक्रॉन की दस्तक और बच्चों के टीकाकरण पर फैसला फिलहाल लंबित होने के बीच सरकार नाबालिगों पर इस्तेमाल के लिए लाइसेंस प्राप्त एकमात्र टीके जायकोव-डी की एक करोड़ खुराकों का उपयोग करने से पहले कुछ इंतजार कर सकती है.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.