यह फैसला टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के एक पूर्व सदस्य द्वारा दायर याचिका पर आया है. उन्होंने कोविड वैक्सीन परीक्षण से जुड़े डेटा का खुलासा करने और 'वैक्सीन मैंडेट्स' पर रोक लगाए जाने की मांग की थी.
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि कुछ राज्य सरकारों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर वैक्सीनेशन नहीं करवाने वाले लोगों की पहुंच को प्रतिबंधित करने वाले कदम सही नहीं, उसे तुरंत हटाया जाना चाहिए.
इन्साकोग ने अपने नवीनतम बुलेटिन में इस बात का खुलासा किया कि है इस साल जनवरी के बाद से भारत में जीनोमिक सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए सभी कोविड -19 नमूनों में से लगभग आधे की पहचान ओमिक्रॉन के रूप में की गई है.
भारत में हाल-फिलहाल में STIs पर किसी भी तरह का एपिडेमियोलॉजिकल डेटा इकट्ठा नहीं किया गया है. ऐसे में आज भी आईसीएमआर के द्वारा किए गए 2002-03 के 6% इन्फेक्शन की दर वाले अनुमानित डेटा का ही हवाला दिया जाता है.
शोधकर्ताओं ने कहा कि वैश्चिक महामारी से निपटने की प्रभावी नीतियों में मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभावों को दूर करने के तरीकों को भी शामिल किया जाना चाहिए.