नीति आयोग के डॉ वीके पॉल ने कई राज्यों में रेमडिसिविर की मांग की खबरों को ‘चिंताजनक’ बताया है और कहा है कि अगर ठीक से इस्तेमाल की जाए, तो इस दवा की कोई कमी नहीं है.
3-8 अप्रैल के बीच महाराष्ट्र में हर रोज़ कोविड वैक्सीन के 4 लाख से अधिक डोज़ लगाए गए. लेकिन 9-11 अप्रैल के बीच ये संख्या घटकर, 2.5 लाख से कुछ कम रह गई.
निरंजनी अखाड़े के महंत नरेंद्र गिरी के अलावा अन्य अखाड़ों से जुड़े कई अन्य संत भी कोविड-19 की चपेट में आए हैं. नए मामलों को मिलाकर अब तक दोनों अखाडों में कुल नौ संत कोविड-19 पीड़ित पाए गए हैं .
कोविड टेस्ट नतीजे आने में लगने वाले लंबे समय से लेकर रेमडिसिविर और अस्पताल में जगह हासिल करने तक में आ रही मुश्किलों को देखते हुए मरीजों के परिवार ही नहीं, डॉक्टर तक कहने लगे हैं कि हालात बदतर होते जा रहे हैं.
आरडीआईएफ ने एक बयान में कहा कि करीब तीन आबादी वाले देशों में वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी मिल चुकी है और भारत स्पुतनिक वी को मंजूरी देन वाला 60वां देश है.
संक्रमण के दैनिक मामलों में लगातार 34वें दिन हुई बढ़ोतरी के बीच देश में उपचाराधीन लोगों की संख्या बढ़कर 12,64,698 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 9.24 प्रतिशत है.
ताशकंद समझौते के दौरान सोवियत संघ ने प्रोटोकॉल पर खास ध्यान दिया. दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के लिए व्यवस्थाएं बिल्कुल एक जैसी थीं. इस वार्ता को अमेरिका और ब्रिटेन का भी समर्थन मिला था.