नगर निगमों के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में 20 अप्रैल तक 15,161 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं. लेकिन सरकार ने ये संख्या 12,638 बताई है- मौतों में 2,523 का अंतर है.
नासिक के कलेक्टर सूरज मानधरे ने बताया इस हादसे में 22 मरीज़ों की मौत हुई है.ये सभी मरीज वेंटिलेटर पर थे जिनकी ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से मौत हो गई है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा इस मामले की जांच की जा रही है.
सरकार के कोविन पोर्टल पर उपलब्ध डेटा के मुताबिक कोविड-19 के कुल 12,76,05,870 टीकों में से 11,60,65,107 टीके कोविशील्ड के हैं जबकि 1,15,40,763 टीके कोवैक्सीन के हैं.
बयान के मुताबिक, ‘हमारी क्षमता का 50 प्रतिशत भारत सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के लिए और बाकी 50 प्रतिशत क्षमता राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों के लिए होगी.’
दिल्ली सबसे भीषण कोविड प्रकोप का सामना कर रही है और इस बीच मौतों के प्रतिशत में तेज़ी से वृद्धि दिख रही है, जो कि बढ़ती हुई मृत्यु दर से अधिक है. हालांकि महाराष्ट्र में ये रुझान कम हो रहा है.
लखनऊ के अस्पतालों में बेड की कमी को देखते हुए बड़ी संख्या में मरीज आसपास के जिलों की ओर रुख कर रहे हैं, और ये अस्पताल मरीजों के बोझ के साथ-साथ अपर्याप्त सुविधाओं के कारण भी बदहाल स्थिति में हैं.
भारतीय युवा कांग्रेस प्रमुख श्रीनिवास बीवी, और उनकी टीम सोशल मीडिया पर आ रही मदद की पुकारों का जवाब दे रही है, और उनका दावा है कि उन्होंने, क़रीब 20,000 लोगों को मुफ्त सहायता मुहैया कराई है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?